बिहार में नीतीश सरकार (Nitish Government) में शामिल हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने एक बार फिर शराबबंदी नीति (Liquor Prohibition Policy) में संशोधन की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी ही सरकार को शराबबंदी को लेकर कटघरे में खड़ा कर दिया है।
पूर्व सीएम के इस नए बयान से सियासत तेज हो गई है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद (RJD Supremo Lalu Prasad) की पुत्री रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने भी पूर्व सीएम के बयान का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
मांझी ने एक कार्यक्रम में कहा कि कलेक्टर हैं, एसपी हैं, एमएलए हैं, मंत्री हैं, वो सब शराब का सेवन 10 बजे के बाद करते हैं। लेकिन वे लिमिट में पीते हैं। यही बात हम आपसे भी कहते हैं कि पीना है तो रात में लिमिट में पीजिए, सुबह काम पर जाइए। उन्होंने यह भी कहा कि शराब पीना बुरी बात है। मांझी ने कहा था कि बड़े माफिया को पकड़िए। जो एक बोतल शराब के साथ पकड़े जाते हैं, उन्हें भी जेल भेज दिया जाता है। यह जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर पकड़ना है तो सरकार पहले उन्हें पकड़े। गरीबों को क्यों जेल भेजा जाए।
रोहिणी आचार्य ने कहा है कि शराबबंदी कानून सिर्फ गरीबों के लिए है। आइएएस, आइपीएस, डाक्टर और धनवान लोग रात 10 बजे शराब पीयें और सरकार की शराबबंंदी का मजा लें, ये बिहार को मंजूर नहीं होगा। रोहिणी ने ट्वीट किया है कि दुल्हन के कमरे में पुलिस चेक करने पहुंच जाती है लेकिन बड़े अधिकारियों व नेताओं के बेडरूम या बाथरूम में चेक करने नहीं जाती। नियम सिर्फ गरीबों के लिए है। उन्होंने सीएम से संज्ञान लेने को कहा है। यह भी कहा है कि रात 10 बजे के बाद धनवान मंत्री, अधिकारियों के यहां रेड डालें।
