झारखण्ड को आवंटित कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल बिहार में किये जाने का मामला सामने आया है। मामला तूल पकड़ते ही गोड्डा जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। कोरोना के मद्देनज़र देश भर में मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण बार बार इस अभियान में दिक्कत्तें आ रही हैं। ऐसे माहौल में जहां एक राज्य जिसके पास भरपूर वैक्सीन है वहीं दूसरी ओर एक राज्य जहां ज़रूरतमंदो को वैक्सीन ही नहीं मिल रही है ऐसे में इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।
शनिवार को गोड्डा के मेहरमा सरकारी अस्पताल के एक डॉक्टर और तीन स्वास्थ्यकर्मियों पर बिहार के एक विद्यालय में वैक्सीनेशन कैम्प लगाने की बात सामने आई है। खबर के मुताबिक भागलपुर के कहलगांव अनुमंडल के रामपुर पंचायत स्थित जागेश्वरी प्राइमरी स्कूल में सैंकड़ो लोगों को झारखंड से आवंटित वैक्सीन लगाई गई है।
जानकारी के अनुसार भागलपुर के कहलगांव अनुमंडल में सैंकड़ो लोगो को कोवैक्सीन और कोविशील्ड की सैंकड़ो डोज़ लगा दी गयी। हैरान करने वाली बात ये है की इस बात की जानकारी किसी को नहीं थी। सुचना मिलते ही कहलगांव अनुमंडल के DS जांच के लिए पहुंचे और उन्होंने झारखंड के सरकारी डॉक्टर को काफी खरी खोटी सुनाई। फिलहाल गोड्डा के सिविल सर्जन डॉ मंटू टेकड़ीवाल, ने कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच शुरू करवा दी है।

