अफगानिस्तान में जैसे जैसे अमेरिकी सैनिकों की वापसी हो रही है वैसे ही तालिबान भी अपना रुख आक्रामक करता जा रहा है। तालिबानी अफगानिस्तान के बहुत सरे इलाके में अपना कब्ज़ा जमा चुके हैं। अफगानिस्तान के इस गृह संकट की वजह से बहुत सरे देश भारत को मिलाकर चिंतित हैं। अफगानिस्तान के बहुत सारे शहरो में बहुत सारे भारतीय नागरिक रहते हैं। इसलिए अपने नागरिको की सुरक्षा के लिए भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है।
मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय नागरिक और अधिकारियों को वहां से निकालने की तैयारी में जुट गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान में काबुल,कंधार और मजार ए शरीफ से अपने नागरिको को निकलने की तयारी की जा रही है। अफगानिस्तान में बढ़ते गृह संकट से कई देश दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के संचालन के लिए असमर्थ होते जा रहे हैं.तालिबान के हमले के डर से वहां के अधिकारी और सरकारी लोग खुद अपना आवास छोर कर के सुरक्षित स्थान पर चले जा रहे हैं।
वहीँ अमेरिकी सैनिक की 2 दशक के बाद अफगानिस्तान से वापसी सुरु कर दी। अमेरिकी सैनिक बगराम एयर बेस (एयरफील्ड) छोर चुके हैं , जो कभी तालिबानियों का अड्डा हुआ करता था। यही से अमेरिकी सेना अपना केंद्र बना कर तालिबानियों को उखाड़ फेका था और 9 /11 में शामिल आतंकवादी संगठन पर भी काबू यही से पाया था।
अमेरिकी सैनिको ने बताया की बगराम एयर बेस (एयरफील्ड) पूरी तरह से छोर दिया गया है और अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा को पूरी तरीके से सौंप दिया गया है।
अभी इस समय सभी गठबंधन सेना एयरफील्ड से बहुत दूर है। लेकिन इस बात की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है की बगराम एयरफील्ड से 50 km दूर उत्तर में एयरबेस कब छोरा था।

