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रोहतास जिले के विभिन्न अंचल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि के फर्जी तरीके से खरीद बिक्री का मामला अभी थमा भी नहीं था कि प्रखंड के कटार, दहाउर व अन्य मौजा में सरकारी भूमि को फर्जी तरीके से चंकबंदी से बंदोबस्त करा सरकारी भूमि पर कब्जा जमाने की होड़ मची है।

कटार में कई सफेदपोशों ने चकबंदी की जमीन को अपने नाम करा लिया। हद तो यह है कि वर्ष 2019 में भूमि से जुड़े अधिकारियों ने भी उक्त भूमि के जमाबंदी का आदेश कर दिया। अब जमाबंदी रद करने की बात अधिकारियों द्वारा कही जा रही है। वरीय अधिकारियों का मानना है, कि अब उक्त जमीन की जमाबंदी भी रद्द होगी। 

कटार मौजा के मामले का खुलासा होते ही इसमें शामिल पूर्व के कुछ अधिकारियों की बेचैनी भी बढ़ गई है। जिसमें पूर्व के अधिकारियों की गर्दन भी हो सकती है। वहीं दूसरी ओर दहाउर पंचायत के ग्रामीणों ने लिखित शिकायत एसडीएम से की है।

शिकायत में ग्रामीण महेंद्र सिंह, रामपूजन सिंह, रामनाथ सिंह आदि का कहना था कि मौजा दहाउर में तीन एकड़ 79 डिस्मिल भूमि एनएच दो से सटे हुए हैं। जो कई फर्जी नाम से चकबंदी कार्यालय में हेराफेरी कर चकबंदी पंजी में चढ़ाकर चक संपुष्ट करा लिया गया है। 

चकबंदी के आधार पर वर्ष 2012-13 में अचल कार्यालय के मिली भगत से पंजी को फाड़ कर छद्म नामों से चक संपुष्ट कराकर जमाबंदी कायम कर दिया गया है। जबकि उक्त नाम के आगे पिता या पति का नाम या पूरा पता भी अंकित नहीं किया गया है। 

पूर्व में भी अकोढ़ीगोला, बराढ़ीगोला समेत डेहरी के कई अन्य मौजा में सरकारी व मंदिर की भूमि को फर्जी तरीके से चक संपुष्ट करा दबंगो ने जमीन पर कब्जा जमाना व खरीद-बिक्री करना शुरू कर दिया था। उक्त भूमी फोरलेन बाईपास से सटे होने के कारण काफी महंगी दिखाई पड़ रहा है। जिसपर भू माफिया गलत तरीके से कब्जा जमाने का प्रयास कर रहे हैं।

कहां-कहां है सरकारी भूमि
सरकारी आंकड़ों की मानें तो डेहरी के कटार, भड़कुड़िया, बेरकप, बराढीगोला, आदि पंचायतों में सरकारी भूमि को भू माफियाओं ने फर्जी तरीके से चक संपुष्ट करा कौड़ियों के भाव सरकारी भूमि को अपने और अपने परिवार के नाम करा लिया। यह कहना गलत नहीं होगा की अंचल कार्यालय के कर्मी भी परोक्ष या अपरोक्ष रूप से संलिप्त है।

क्या है ग्रामीणों की मांग
ग्रामिणो ने मांग की है कि किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना डेहरी अंचल कार्यालय द्वारा भूमी पंजी अभीलेख में हेराफेरी करने वाले कर्मचारी, पदाधिकारी को चिन्हित कर कारवाई किया जाए। साथ हीं भू माफियाओं पर सरकारी भूमी का फर्जी तरीके से चकबंदी करा कब्जा जमाने के मामले में कारवाई की जाए। महेंद्र सिंह, अशोक सिंह आदि ने कहा कि चकबंदी व अंचल के फर्जीवाड़ा करने के मामले को लेकर पोल-खोल अभियान चलाकर जन आंदोलन को तेज किया जाएगा।

क्या कहते हैं अधिकारी
एसडीएम सुनील कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी भूमि की खरीद-बिक्री की शिकायत मिली है। जिसकी जांच कर विधि सम्मत कारवाई की जाएगी। और वैसे भूमि की जमाबंदी रद्द करने का प्रस्ताव भी जिला में भेजा जाएगा।

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