बिहार में गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान से निचे चला गया है जिससे लोग अब चैन की सांस ले रहे हैं लेकिन खतरा अभी टाला नहीं है और बाकि नदियाँ अभी भी उफान पर हैं। कोसी नदी का पानी नवगछिया शहर के कई इलाकों में पहुंच गया है। बाढ़ के खतरे से लोग पलायन करने पर मज़बूर हैं। पनामा प्रतापनगर में सहित कई जिलें कोसी के पानी प्रभावित हो गए हैं। जिले में 9 लाख 38 हज़ार से ज़्यादा लोग बाढ़ से लोग प्रभावित हो चुके है।
भागलपुर रेलखंड पर रविवार से सभी ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है। शनिवार तक रद्द चल रही बांका-राजेन्द्रनगर इंटरसिटी, जनसेवा एक्सप्रेस, साहिबगंज-दानापुर इंटरसिटी सहित अन्य ट्रेनें भी रविवार को चलीं। हावड़ा से जमालपुर तक विस्तारित की गई कविगुरु एक्सप्रेस की सेवा भी बहाल हो गई है। एक दिन पहले तक भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी जमालपुर से रवाना हुई थी, लेकिन रविवार को भागलपुर से रवाना हुई। बाढ़ के कारण भागलपुर रेलखंड पर सात दिनों तक ट्रेन सेवा बंद रही। कई ट्रेनें रद्द कर दी गई थीं तो कई ट्रेनों को डाइवर्ट कर दिया गया था।
बात करें दरभंगा की तो यहां जल संसाधन मंत्री संजय झा दौरे पर पहुंचे। दरभंगा में उनके आने से पहले कुछ अराजक तत्वों ने बाँध से छेड़छाड़ कर दी जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया। बताया जा रहा है की शक्रवार को केवटी नदी में माधोपुर बांध टूट गया था, जिससे इलाके में बाढ़ आ गयी थी। इसपर जल संसाधन विभाग ने खुलासा करते हुए कहा की बाँध टुटा नै था बल्कि कुछ अराजक तत्वों ने इसे गिराया था। मंत्री जी ने मामले के दोषों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

