बिहार में पेट्रोल के बाद अब डीजल भी शतक लगाने के करीब है और इससे जनता का बुरा हाल हो गया है। लगातार डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई महंगी होती जा रही है जिसके कारन फल ,सब्जियों और आम आदमी के लिए ज़रूरी हर सामन महंगा होता जा रहा है।
पेट्रोल / डीजल के दाम बढ़ने से पहले ही सभी गाड़ियों के भाड़े में 20 फीसदी तक इज़ाफ़ा हुआ है। सब्जी मंडियों में जब हमारे पत्रकार ने व्यापारियो से पुछा तो
उन्होंने बताया की नासिक ,बैंग्लोर , उत्तर प्रदेश ,कोटा आदि जगह से आनेवाले ट्रको का किराया 10 से 20 हज़ार रुपये बढ़ गया है। जिसके कारन सभी फल और सब्जियों में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
फलो की कीमत में बढ़ोतरी का कारन भी बढ़ते डीजल पेट्रोल का दाम ही है। अधिकांश फल ,आम ,पपीता ,सेव ,अंगूर आदि सभी बहार से आते हैं। इस बार यही सब फल आम आदमी को पिछले साल की अपेक्षा 20 फीसदी तक ज़ायदा पैसे देकर लेने को मजबूर है।
लगातार बढ़ रही कीमत के कारन ट्रांसपोर्टर सारे निजी कंपनियों से अपना किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं ,जिसके कारन दवा से लेकर आम आदमी के ज़रुरत
का हर सामान जो बहार से आता है वो उन सब के दाम पर 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हो जाएगी। ऐसा करने के लिए ट्रांसपोर्टर भी मजबूर हैं , क्यूंकि पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ जाने से उनका बिज़नेस चलाना पुराने देर से मुश्किल हो गया है। इसलिए सरकार को इस समय आम आदमी पर बढ़ रहे है इस एक्स्ट्रा बोझ के ऊपर धयान देना चाइये और ठोस कदम उठाने चाहिये।

