दरभंगा रेलवे स्टेशन हुए पार्सल बम ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार नासिर मलिक 2012 में पाकिस्तान गया था। इस ब्लास्ट के तार अब पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ रहे हैं। शुक्रवार को एनआईए ने नासिर और उसके भाई इमरान मलिक को पटना एनआईए कोर्ट में पेश किया। एनआईए ने चार दिन की रिमांड की डिमांड की।
नासिर खान उर्फ नासिर मलिक और उसके भाई इमरान मलिक उर्फ इमरान खान को एनआईए टीम ने 30 जून को हैदराबाद में गिरफ्तार कर लिया था। दरभंगा रेलवे स्टेशन पर 17 जून को हुए पार्सल बम ब्लास्ट का मामला एनआईए कोर्ट पटना में चल रहा है। एनआईए ने कहा है कि गिरफ्तार नासिर खान उर्फ नासिर मलिक मूलत:उतर प्रदेश के शामली का है। लश्कर-ए-तैयबा से नासिर खान जुडुा है। नासिर 2012 में पाकिस्तान गया था और वहां केमिकल बम बनाने का प्रशिक्षण भी लिया था। इन दोनों ने भारत में जानमाल की क्षति के लिए बहुत बड़े पैमाने पर साजिश रची थी। इसी साजिश के तहत ट्रेन में केमिकल बम ब्लास्ट करना था।
पेशी से पहले पूछताछ
एनआईए कोर्ट में पेशी से पहले दोनों भाइयों से पटना के एटीएस ऑफिस में करीब पौने तीन घंटे तक पूछताछ की गई। बताया जा रहा है रिमांड के दौरान दोनों भाइयों से पटना में ही पूछताछ की जाएगी। 17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हुए पार्सल ब्लास्ट मामले में इमरान मलिक और नासिर मलिक को हाल में हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के मुताबिक उनके घर से पुलिेस को दरभंगा ब्लास्ट में इस्तेमाल किए गए केमिकल बम से सम्बन्धित कुछ चीजें मिली हैं। पार्सल को बुक करने में इन दोनों भाइयों की भूमिका बताई जा रही है। पता चला है कि ये दोनों कैराना से गिरफ्तार सलीम से आर्डर लेते थे।
सलीम ने उगले राज
सलीम से पूछताछ में इस नेटवर्क का पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आ रहा है। एटीएस सलीम से सख्ती के साथ पूछताछ कर रही है। पूछताछ में सलीम ने कई राज उगले हैं। सलीम के बयान पर कुछ और लोगों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सलीम से पूछताछ से एटीएस और एनआईए को कई अह्म जानकारियां मिली हैं। पाकिस्तान में रहने वाले आईएसआई के हैंडलर इकबाल काना का भी पता चला है जो मूलत: शामली का रहने वाला है। इकबाल द्वारा सलीम को पैसे भेजे जाने का भी पता चला है। बताया जा रहा है कि सलीम ही वो हैंडलर है जिसने हैदराबाद में कपड़े का व्यवसाय करने वाले इमरान और नासिर को इसके लिए तैयार किया।
