देश भर में फिलहाल कोरोना की तीसरी लहर को लेकर काफ़ी डर का माहौल बना हुआ है। चूँकि पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण की जांच को आये 16 लाख 31 हज़ार 266 मरीज, जिनमे से 39 हज़ार 097 कोरोना पॉजिटिव पाए गयें है। भारत में नए संक्रमित को जोड़ देखा जाए तो अब तक कुल 3 करोड़ 13 लाख 32 हज़ार 159 कोरोना मरीज दर्ज़ हुए है। लेकिन अच्छी बात यह भी है कि पिछले 24 घंटे में 35 हज़ार 087 संक्रमित ठीक भी हुए हैं। समग्र गणना के अनुसार कुल 3,05,03,166 कोरोना संक्रमित मरीज अब तक ठीक भी हो चुके है। देश भर में फिलहाल कोरोना के एक्टिव केस 4 लाख 08 हज़ार 977 रह गए हैं।
इसी में बात करें बिहार की तो सूबे में पिछले 24 घंटे में कुल 85 नए संक्रमित पाए गए जिसमे राजधानी पटना में 7 नए संक्रमित है। बिहार में कोरोना के बढ़ते और घटते दर को देख अस्पतालों के डॉक्टर्स और कोरोना कार्यकर्ताओ में चिंता का माहौल है। उनका मन्ना है कि दूसरे लहर के पहले भी कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला था। इसी बिच हमे देखने को यह भी मिल रहा कि पिछले कई दिनों से कोरोना टीकाकरण कार्य धीमा पड़ गया है। पिछले 4 दिन में राज्य के केवल 3 लाख लोगों को ही टिका लग पाया है। विस्तार पूर्वक अगर जानकारी दे तो बिहार के 7 जिलों में पिछले दिनों टीकाकरण कार्य आयोजित किया ही नहीं गया।
पटना जिले में 43 लाख से अधिक लोगों के टिकाकरण का लक्ष्य था जिनमे अब तक 24 लाख लोगों का टिकाकरण हो चूका है। इनमे करीबन 18 लाख ऐसे लोग है जिन्हे दूसरा डोज़ दिया जाना बाकि है ऐसे में लोगों की परेशानिया और बढ़ गयी है साथ ही तीसरी लहर के आगमन को देख लोगों में डर का भाव है। टिकाकरण केन्द्रो पर भीड़ भी उम्र रही मगर लोगों के अनुसार प्राप्त टिका उपलब्ध नहीं हो पा रहा। टिका की उपलब्ध्ता न होने से बिहार ही नहीं बल्कि देश भर में टकाकरण कार्य धीमा पड़ गया है। फिलहाल देश में कोरोना टिकाकरण को प्रार्थमिकता दिया जा रहा ऐसे में टिका की कमी होना और दूसरी ओर तीसरी लहर के आगमन को देख चिंता वाली बात है।

