पिछले कुछ वक़्त से कोरोना के दूसरे लहर ने देश भर को घर में रहने को मजबूर कर दिया था जिसके बाद लॉकडॉन 2.0 से पूरा भारत प्रभावित हुआ है। एक तरफ़ लोग कोरोना से अपनी जान गवा रहे थे तो वही दूसरी ओर कईयों ने अपने व्यवसाय में भी भारी नुक़सान का सामना किया। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान निकाले गए गाइडलाइन से पूरे भारतवर्ष में कई कारोबार-व्यवसाय पर बुरा असर हुआ। बिहार कि ही बात करले तो पिछले दिनों पटना में कई सारे दुकान, शोरूम और रेस्टोरेंट जैसी काफ़ी व्यवसाय बंद होते दिखीं है।
लगभग 2 महीनो तक कारोबार जगत बुरी तरह से ठप पड़ गया था। जिसके चलते कारोबारियों कि भी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई। अब हालात कुछ ऐसी हो चली है अपने आर्थिक स्थिति से बेहाल होकर मालिको को ना चाहते हुए भी अपने कारोबार को समेटना पड़ा। हाल ही में यह देखने को मिले राजेंद्र नगर मेन रोड स्थित 5 से 6 दुकाने बंद हुई, जिनमें कुछ दुकानें कई साल पुरानी थी तो कई बड़े-बड़े कपड़ों के शोरूम भी थे। वही डाक बंगला चौराहा स्थित हरीनिवास कॉम्प्लेक्स में कंप्यूटर, मोबाइल कि आधे दर्जन से भी ज़्यादा दुकानें बंद हो गई।
कितने तो ऐसे दुकानें भी हैं जिनमें कोरोना संक्रमण के दौरान मालिक तक बदले गए। कितने जगहों पर यह भी देखने को मिला जहाँ कई साल पुरानी और नामी दुकाने हुआ करते थे अब वहाँ नए कारोबार खड़े हो रहे हैं। इसी बीच बढ़ती महंगाई से लोगों के जेब तक खाली पढ़ रहे हैं।

