ghat-safai

UP बिहार का लोकपर्व छठ 8 तारीख से शुरू होने वाल है, इस 4 दिन के महापर्व को लेकर लोगों ने अपनी तैयारियां शुरू भी कर दी है। पिछले साल कोरोना की वजह से छठ घाटों की रौनक मानो उड़ सी गयी थी। लेकिन इस साल छठ घाटों की रौनक वापस आने वाली है। जिसे ले कर सरकार ने भी अपनी तैयारियां जोरो-शोरों से शुरू कर दी है। घाटों की सफाई नगर निगम कर्मियों द्वारा दिन और रात के शिफ्ट में करवाई जा रही है। जिससे छठ वर्तियों को घाटों तक जाने में और अर्ग देने में किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

बिहार में कुछ दिनों पहले गंगा का जलस्तर बढ़ रहा था लेकिन अब गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा है। दुर्गा विसर्जन के कारण राज्य के गंगा घाटों के पास काफी गन्दगी फ़ैल गयी थी। जिसके बाद नगर निगम कर्मियों द्वारा सुबह और शाम की शिफ्ट में घाटों की सफाई शुरू कर दी गयी थी। लेकिन अब घाटों की सफाई के साथ साथ घाटों पर सुरक्षा के इंतेज़ाम से लेकर लाइटिंग तक हर सुविधा दुरुस्त करवाने में सरकार लगी है। रविवार, 31 ऑक्टूबर को छठ पूजा की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिसमें प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल और डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।

इन तैयारियों में छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को देखते हुए सभी घाटों पर मेडिकल टीम की तैनात की जाएगी। जिसमें डॉक्टर से लेकर नर्सिंग स्टाफ,पारा मेडिकल स्टाफ और एम्बुलेंस की मौजूदगी रहेगी। बिहार में बढ़ते कोरोना केसेस को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड प्रोटोकॉल को भी फॉलो करने का निर्देश जारी किया गया है। इन तैयारियों में विभाग की ओर से फैसला लिया गया है कि सभी घाटों पर कोरोना जांच की व्यवस्था रहेगी।

छठ पर्व को लेकर राजधानी के घाटों पर साफ सफाई का काम तेज़ी से चल रहा है। लेकिन घाटों को दुरुस्त करने में जिला प्रशासन और नगर निगम के पसीने छूट रहे हैं। क्योंकि बाढ़ की वजह से लगभग सभी घाटों के पास दलदल जैसी समस्या आ गयी है जिसे जिला प्रशासन ठीक करने में लगा है। प्रशासन, और नगर निगम की टीम लगातार घाटों की मरम्मत में जुटी हुई है। चिन्हित घाटों को आने वाले दिनों में जल्द से जल्द ठीक कर लिया जायेगा। घाट तैयार होने के बाद सभी घाटों पर बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। राजधानी में 64 छठ घाटों पर दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिला प्रशासन की तरफ से भी NDRF और SDRF की व्यवस्था कराई गई है जो कि सभी घाटों पर छठ पूजा के दौरान पेट्रोलिंग करते नजर आएंगे। साथ ही सभी घाटों पर मजिस्ट्रेट के साथ काफी संख्या में पुलिस बलों की भी नियुक्ति रहेगी।

जिला प्रशासन द्वारा छठ पूजा समितियों से मांगे गए सुझाव के अनुसार पदाधिकारियों का कहना कि घाटों से जुड़े संपर्क पथ को ठीक कर दिया जाए, जिससे घाट पर आवागमन में लोगों को सुविधा रहे। कई महीनो से जो स्ट्रीट लाइट ख़राब पड़ी है उन्हें दुरुस्त करवा दिया जाये। इसके साथ ही कई और सुझाव पूजा समितियों दवारा दिया गया है। जिसपर जिला प्रशासन और नगर निगम कर्मी काम कर रहे हैं।

आपको बता दें कि पटना में खतरनाक घाटों को चिन्हित कर सूचि तैयार कि गयी है। चिन्हित की गयी इन घाटों पर लोगों के आवागमन पर रोक लगाने और अर्घ्य का प्रतिबंध लगाने को कहा है। इसके लिए घाटों पर साइनेज लगाया जायेगा। व्रतियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए छठ पूजा के दो दिन पहले ही सभी वार्ड में टैंकर से गंगाजल की सप्लाई की जाएगी।

प्रत्येक वार्ड में एक सार्वजनिक स्थल का चयन किया जाएगा। जहां गंगा का शुद्ध जल लेकर निगम का टैंकर पहुंचेगा। लोग वहां जाकर गंगाजल ले सकेंगे। फ़िलहाल अभी उस स्थल को चिनहियत नहीं किया गया है जहाँ पर लोग गंगा का जल लेने जायेंगे। इस दौरान शुद्धता का विशेष ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए समय तय कर दिया जाएगा। लोग तय समय पर अपने वार्ड के चिन्हित जगह पर जाकर गंगा का जल ले सकेंगे। इसके साथ ही आपको ये भी बता दें कि जितने भी पार्क में अस्थायी तालाब बनाए जाएंगे, उनमें भी गंगाजल डाला जाएगा। छठ को लेकर कई जगहों पर अस्थायी तालाब बनाए जा रहे हैं।

छठ लोक आस्था का एक ऐसा पर्व है जिसमें शामिल होने के लिए लोग सालों भर अपनी छुट्टी को बचा कर रखते हैं। और ऊपर से जब ये पर्व 1 साल बाद अच्छे ढंग से आयोजित हो रहा है, तो इस बार सभी लोग इसकी तैयारी में जुट गए हैं और साथ ही जिला प्रशासन भी अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती इसीलिए प्रशासन घाटों की देख रेख और सारी वयवस्था को दुरुस्त कराने में लगी हुई है।

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