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सदर अस्पताल से ब्लैक फंगस के लिए चिन्हित इंजेक्शन एमफोटेरिसीन-बी की बीस  20 वायल गायब मामले में देर शाम अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। डीएम अमित कुमार ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सदर एसडीओ अभिषेक रंजन को सौंपी। सदल बल पहुंचकर एसडीओ ने घंटों  तक अस्पताल परिसर के स्टॉक रूम के कार्यरत चारों कर्मियों से गहन पूछताछ की गई। 

पूछताछ के बाद इसके बाद फार्मासिस्ट जयप्रकाश, भृगनाथ प्रसाद, डाटा ऑपररेटर मोहन झा को पुलिस की गाड़ी में बैठाया गया। इस दौरान अस्प्ताल परिसर में पूरा गहमागहमी का माहौल कायम था। करीब आधा घंटे के बाद डॉटा ऑपरेटर मोहन झा को वाहन से उतार दिया गया। चर्चा है कि स्टॉफ नर्स चंद्रकला को रात होने की वजह से हिरासत में नहीं लिया गया। हालांकि करीब दो घंटे के बाद फार्मासिस्ट जयप्रकाश व भृगनाथ प्रसाद को हिरासत में लेकर पुलिस वैन से नगर थाना भेजा गया। इस बाबत सदर एसडीओ अभिषेक रंजन ने बताया कि फिलहाल पूछताछ जारी है।  वहीं देर शाम नगर थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि फिलहाल दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में नगर थाना लाया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। 

दो दिन बाद चोरी गई 20 खाली वायल आईएलआर में रखा
सदर अस्पताल से ब्लैक फंगस की चिन्हित इंजेक्शन एमफोटेरिसीन-बी की बीस  20 वायल गायब होने के मामले में गुरुवार शाम एक नया मोड़ आया। एक जून को स्टॉफ नर्स चंद्रकला ने दवा गायब होने के मामले की लिखित सूचना अधिकारियों को दी। मामला अतिसंवेदनशील बनता देख चोरी छुपे 20 वायल खाली इंजेक्शन डीफ्रीजर में रख दिया गया। स्टॉफ नर्स चंद्रकला ने बताया कि तीन जून को शाम करीब साढ़े पांच बजे अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद ने उन्हें मोबाइल से पूछा कि 20 वायल एमफोटेरिसीन-बी की खाली वायल डीफ्रीजर में रखा गया है क्या आपने यह वायल रखी है। इस बात की जानकारी के बाद वे शाम में अस्पताल पहुंची। जब वे आईएलआर का मुआयना किया तो इसमें 20 खाली वायल दवा रख दी गई थी। वे आवेदन में बताती हैं कि इससे पहले वे दो जून को स्टाफ  नर्स माधुरी कुमारी ने साथ देखने गई थी, उस समय खाली वायल नहीं रखी गई थी। ऐसे में साजिशन इसमें खाली वायल को रखा गया। इस संदर्भ में वे तीन जून की शाम को ही अधीक्षक को दोबारा लिखित आवेदन देकर इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। 

आखिर किसने रखी खाली वायल
स्टॉक रूम से गायब 20 वायल दवा की खाली वायल किसने रखा। यह सबसे बड़ा सवाल अस्पातल प्रशासन के समक्ष खड़ा हो गया है। जबकि सदर अस्पताल स्थित दवा स्टोर में  चार कर्मियों की तैनाती है। इसमें दो फार्मासिस्ट, एक डाटा इंट्री ऑपरेटर, एक एग्रेड शामिल हैं। आखिर किन परिस्थितियों में इतनी महंगी दवा गायब हुई है। 

दवा अस्पताल से बाहर बेचने की चर्चा 
अस्पताल सूत्रों की माने तो बाजार में इस दवा को बाहर बेचने की चर्चा जोरों पर है।  बाजार में इस दवा की डिमांड काफी है। निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में इस दवा का खूब उपयोग होता है। बाजार में यह इंजेक्शन ब्लैक में 50 हजार से एक लाख रुपये में बिक रहा है। इस दवा को ब्लैक फंगस में उपयोग की सहमति स्वास्थ्य विभाग ने दिया है। 

इंजेक्शन गायब मामले में सीएस ने बनाई जांच टीम
सदर अस्पताल से ब्लैक फंगस के लिए चिन्हित इंजेक्शन एमफोटेरिसीन-बी की बीस  20 वायल गायब मामले में जांच टीम बनी है। जांच टीम में एसीएमओ डॉ. एसएस झा एवं प्रभारी अधीक्षक डॉ. डीएस मिश्रा को शामिल किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा ने अधिकारियों को जांच पूरी कर हुए रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सीएस ने बताया बताया कि दोषियों पर हर हाल में कार्रवाई की जाएगी। दिनभर इमरजेंसी के बगल वाले दवा स्टोर में आईएलआर में रखी दवा गायब होने को लेकर गहमागहमी रही। स्टॉक की इंचार्ज स्टॉफ नर्स चंद्रकला ने बताया कि जब दवा की मासिक रिपोर्ट बनाने पहुंची तो इंजेक्शन गायब थी। आईएलआर (डीफ्रिजर) से दो पैकेट सुई यानी 20 वायल सुई गायब मिली। 

जांच टीम ने की पूछताछ 
जांच टीम के स्टॉफ नर्स चंद्रकला, फार्मासिस्ट जयप्रकाश एवं भृगुनाथ प्रसाद एवं डाटा ऑपरेटर मोहन झा से बारी-बारी से पूछताछ की। देर शाम तक सभी का बयान दर्ज किया गया। जांच टीम में शामिल अधिकारी एसीएमओ डॉ. एसएस झा एवं डॉ. डीएस मिश्रा ने बताया कि स्टोर रूम से एमफोटेरिसीन-बी दवा का गायब होना अतिसंवेदनशील मामला है। वे लोग संयुक्त रूप से अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपेंगे। 

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