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बिहार विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन जदयू, राजद संग भाजपा ने भी जनगणना के तहत अपनी बात रखी। जहाँ एक तरफ बिहार के सत्तारूढ़ व विपक्षी दल लगातार जाती जनगणना के पक्ष में बयान देते फिर रहे है। चूँकि भाजपा की मांग है जनसंख्या नियंत्रण कानून लागु करने का, इसलिए मौके का फ़ायदा उठाकर भाजपा सरकार जनगणना के हित में हामी भर रही है। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा में पहली बार जनसंख्या नियंत्रण कानून के तहत मांग की गयी है।

भाजपा के नामी विधायक मिथिलेश कुमार ने एक विवादिये बयान देते हुए कहा कि “जाती जनगणना की जो मांग कर रहे वह अपनी जगह सही है, हमारी भी मांग है की जातिगत जनगणना होनी चाहिए लेकिन उसमे सबसे पहले हिन्दू और मुस्लिम की जनगणना करवानी चाहिए।” वही सभा में भाजपा के विधायकों संग जदयू के भी कई नेता प्रतिपक्ष जाती जनगणना के बाद जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मान में साथ दिया। दूसरी ओर जदयू विधायक विनय चौधरी ने भी इस मांग के समर्थन में कहा “जनगणना के साथ जागरूकता अभियान चलाना भी आवश्यक है, नितीश सरकार भी लगातार जनसँख्या नियंत्रण के प्रति अभियान चला रही है। इतना ही नहीं बल्कि जनसंख्या नियंत्रण कानून के समर्थन में कांग्रेस ने भी करते दिखे।

जनसंख्या कानून की मांग सबसे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने उठाई थी, जो अब जाकर बिहार में भी उठाई जा रही है। विधानसभा में उठाये गए मांग के अनुसार देखा जाये तो अब इससे कई सारे विवाद खड़े होने। भाजपा विधायक के सीधे-सीधे हिन्दू मुश्लिम जनसंख्या की गिनती करवाने वाले बयान से मुस्लिम समुदाय के लोग जवाब देते दिख रहे। आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड इस कानून