बिहार विधानसभा के मानसून शत्र का आज दूसरा दिन था। पहले दिन कि ही तरह आज भी विपक्षी दल अपने बयान बाज़ी से पीछे नहीं हटी। पिछले शत्र के दौरान हुए मारपीट के मामले पर विपक्षी दल के नेता तेजश्वी यादव सवाल उठाते और सरकार पर आरोप लगाते भी दिखे। उनकी मांग है कि इस पर कारवाई हो मगर सरकार ने इसपर अब तक कोई एक्शन नहीं लिया, उनका मानना है कि सरकार मारपीट करने वाले अफसरों को बचाना चाहती है।
इसी के साथ तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर हमला बोलते हुए 2 मुद्दे पर बात भी की, पहला बढ़ती महंगाई दूसरा जाती आधारित जनगणना। पिछले शत्र में हुए मार पीट के मामले पर वह बयान देने में रुके नहीं रुक रहे थे। कभी स्पीकर को नितीश के कठपुतली ठहराते तो कभी राज्य के शिक्षा मंत्री विजय चौधरी पर पलटवार कर अधिकारीयों को क्लीनचिट देने का दावा करते है । इतना ही नहीं बल्कि संसद के बहार महंगाई को लेकर नारे भी लगाए गए।
इतने बयानबाज़ी और नारेबाजी के बाद विस अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने मीडिया को जवाब में कहा कि पिछले विधानसभा शत्र में हुए मारपीट-लड़ाई पर करवाई की जाएगी। उन्होंने कहा की विरोध करना बेहद्द ज़रूरी है मगर इसके लिए अपने मर्यादा को नहीं भूलना चाहिए, उस दिन जो हुआ वह राजनितिक कार्यकाल में कभी नहीं हुआ इससे हमे सिख लेनी चाहिए।
इन् सभी हंगामो के बिच बिहार पंचायती राज संसोधन विधेयक 2021 बिल को पास कर दिया गया है। अब इस बिल के तहत चुनाव तक राज्य में मुखिया व सरपंच का पद नहीं छीना जायेगा। इसके साथ ही 5 और बिल पर बात की जानी है जिसके लिए इस शत्र में 2 दिन निर्धारित किया गया है। उन 5 विधेयक के नाम कुछ इस प्रकार है; आर्यभट्टा ज्ञान विश्वविद्यालय (संसोधन-amendment) बिल 2021, बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक 2021, बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय संसोधन 2021 और बिहार खेल विश्वविद्यालय विधेयक 2021. इसी बीच विपक्ष ने विधायकों के साथ हुए मारपीट पर बहस करने की मांग की और साथ ही जनजातिय जनगणना कराने की मांग की।

