बड़ी संख्या में बिहार कि लड़कियाँ अब रक्षा बल में काम करना चाह रही हैं। बिहार में दरोगा बनने का भी सपना सजाने वाली हज़ारो लड़कियां है। जिसके लिए लड़कियाँ अब दरोगा भर्ती के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहीं हैं। और इसी में खुशखबरी यह है कि इस साल बिहार पुलिस ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट ने 619 महिला दरोगा समेत कुल 1583 दरोगा दिया है। जी हाँ! इन बिहार पुलिस एकाडेमी ने बिहार में 619 महिला दरोगा देने का रिकॉर्ड बनाया है। नारी शशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए बिहार पुलिस महकमा का अब स्वरुप बदल रहा है।
बिहार पुलिस के इतिहास में यह पहला मौका है, जब एक साथ इतनी तादाद में महिला पुलिस अधिकारी शामिल होंगी। कोरोनाकाल में बिहार कि यह बड़ी उपलब्धि होगी की एक ही संस्थान में पुलिस अधिकारियों के पूरी ट्र्रेंनग हुई हो और इतनी बड़ी संख्या में बिहार पुलिस में महिला दरोगा नियुक्त हुई हों। गौरतलब है कि यह 2018 की बैच थी जिसमे पहले के अपेक्षा अब तक की सबसे अधिक पुलिस दरोगा की ट्रेनिंग हुई हों। एकेडमी के निदेशक भृगुनाथ श्रीनिवास ने कहा कि वह पुलिस अवर निरीक्षक 2018 के ऐतिहासिक बैच को संबोधित करते हुए गर्व महसूस कर रहे है। कल यानि की 26 अगस्त के दिन 2018 बच कि 16 कंपनियां मुख्यमंत्री नितीश कुमार के समक्ष पासिंग परेड करेगी।
आपको बता दें कि 2018 में दरोगा भर्ती परीक्षा और उसके फिजिकल टेस्ट के दौरान काफ़ी विवाद सामने उठ के आया था। विवाद का मुद्दा लड़कियों का अलग अलग कारणों से फिजिकल टेस्ट में शामिल न होने का था। कुछ लड़कियाँ गर्भवती होती थी तो किसी को टेस्ट के वक़्त पैर में फ्रैक्चर या अलग-अलग तरीके के बीमारियां निकल के सामने आती थी। ऐसे में पुलिस विभाग में शामिल होने की इच्छा रखने वाली महिलाओं ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग से फिजिकल टेस्ट कि अलग तारीख की मांग की थी। मगर वहां से मदद ना मिलने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन महिलाओ के पक्ष में निर्णय लेकर पीती और मैन्स पास करने वाली महिलाओं को एक और मौका दिया था फिजिकल टेस्ट देने का। और आज उन्हीं लड़कियों ने मिलकर राज्य का नाम रौशन किया है।

