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देर से ही सही बदलता बिहार धीरे धीरे अपने हर गंतव्य तक पहुंच रहा है। बिहार ने पर्यटक के क्षेत्र से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में खुद को कई राज्यों से आगे रखा है। झारखंड से अलग होने के बाद कई सालों तक प्रशिक्षण केन्द्रों के अभाव में रहे बिहार में लगातार नए और भव्य ट्रेनिंग सेंटर बन रहे हैं। इसी कड़ी में बिहार के राजगीर में बिहार पुलिस अकादमी का प्रशिक्षण केंद्र बना है। जो आने वाले समय में राज्य का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र होगा।

साल 2000 में बटवारे के बाद बिहार सालों तक प्रशिक्षण केन्द्रों के अभाव में रहा। लेकिन बिहार ने खुद को कमजोर ना दिखते हुए राज्यभर में लगातार कई प्रशिक्षण केंद्र शुरू किये। जहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर आज सैकड़ो अफ़सर देश की सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। पर अब बिहार में और पुलिस अफसरों के साथ साथ सिपाहियों को प्रशिक्षण देने के लिए राज्य का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र शुरू हुआ है। राजगीर में बना बिहार पुलिस अकादमी, राज्य का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र होगा। 4000 सिपाहियों को एक साथ प्रशिक्षण देने के लिए अब वहां आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जायेगा।

इस पुलिस अकादमी में सिपाहियों और अफसरों का प्रशिक्षण शुरू करने से पहले बड़े पैमाने पर निर्माण कराया जाएगा। जिसे राज्य सरकार ने अपनी प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। सरकार द्वारा मिली मंजूरी के बाद इस योजना पर जोर शोर से काम शुरू किया जा रहा है। इस पुलिस अकादमी के कई खासियत हैं।

इस पुलिस अकादमी में महिला और पुरुष सिपाहियों के रहने के लिए दो अलग-अलग बैरक बनाए जाएंगे। ये सभी बैरक जी प्लस फोर के होंगे। इसके साथ इसी तर्ज पर इंडोर ट्रेनिंग के लिए भी दो ब्लॉक बनाए जायेंगे। साथ ही यहां प्रशिक्षुओं यानी Trainees को पढ़ाया जाएगा। साथ ही इन इमारतों में लिफ्ट की भी सुविधा दी जाएगी।

आपको बता डेम कि सिपाहियों की ट्रेनिंग के लिए बैरक और क्लास रूम समेत बाकी सभी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण पर लगभग 154 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आएगी। जिसे राज्य सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है। और इसका निर्माण कार्य पुलिस भवन निर्माण निगम द्वारा करवाया जाएगा। आपको बता दें कि इस निर्माण की घोषणा मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने पासिंग परेड के अवसर पर थी।न जिसमें उन्होंने कहा था कि यहां पुलिस अफसरों के साथ सिपाहियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

133 एकड़ में फैले इस प्रशिक्षण केंद्र से अभी तीन हजार प्रशिक्षुओं को एक बार में प्रशिक्षण देने के आधार पर निर्माण किया गया है। लेकिन आने वाले समय में सिपाहियों की ट्रेनिंग शुरू होने के बाद इसकी क्षमता को बढ़कर 7 हजार कर दिया जायेगा। बिहार सरकार की इस स्वीकृति के बाद बिहार पुलिस अकादमी से हज़ारों की संख्या में अफसर और सिपाही निकलेंगे। जो राज्य और देश की सेवा में अपना योगदान देंगे।

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