सभी अंचलों में बन रहे रिकॉर्ड रूम के संचलन की नियमावली भूमि सुधार विभाग बना रहा है। रिकॉर्ड रूम में रखे गये दस्तावेज लोगों को कैसे उपलब्ध कराए जाएंगे इसकी व्यवस्था नियमावली में होगी। नियम बनने के बाद किसी भी दस्तावेज के लिए लोगों को कर्मचारियों की पीछे दौड़ना नहीं पड़ेगा। घर बैठे ही वह ऑनलाइन दस्तावेज निकाल सकेंगे।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अगले महीने तक नियमावली तैयार कर लेगा। उसके बाद लोगों को दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जहां भी रिकॉर्ड रूम तैयार हो गया है, वहां जल्द इसे एक्टिव कर दिया जाएगा। इसके लिए डाटा इंट्री ऑपरेटर का नियोजन बेल्ट्रॉन के माध्यम से किया जा रहा है। सभी जिलों में अपर समाहर्ता आधुनिक रिकार्ड रूम के लिए नोडल अधिकारी बनाये गये हैं।
रिकॉर्ड रूम में खतियान, नक्शा, रजिस्टर टू सहित राजस्व एवं जमीन संबंधी 26 प्रकार के दस्तावेज डिजिटल फॉर्म में रहेंगे। सभी दस्तावेजों को डिजिटलाइज्ड कराने की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है। 436 अंचलों में रिकॉर्ड रूम बनकर तैयार हैं। इसके लिए दो मंजिला भवन बने हैं। प्रत्येक अभिलेखागार में चार कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर समेत सभी जरूरी उपकरण दिये जा रहे हैं। यहां पूरा काम सीसीटीवी कैमरे की नजर में होगा।
150 रुपए देकर डाक से मंगाया जा सकता है
अभी सरकार सिर्फ जमीन के नक्शे को ऑललाइन उपलब्ध करा रही है। नक्शा ऑफलाइन भी मिल रहा है। इसे 150 रुपये का भुगतान कर डाक से भी मंगाया जा सकता है। उम्मीद है कि यह व्यवस्था जमीन से जुड़े 26 प्रकार के अन्य दस्तावेजों के लिए भी होगी। लेकिन इसके लिए कितना शुल्क लिया जाएगा, यह अभी तय होना है।
काम करने के लिए बन रही नियमावली
आधुनिक अभिलेखागार-सह-डाटा सेंटर से अभिलेखों की प्रतिलिपि प्राप्त करने की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की तैयार की जा रही जो लगभग पूरी हो चुकी है। एसओपी के जरिये ही रिकॉर्डरूम में कार्यरत कर्मी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। किस दस्तावेज के लिए क्या फीस ली जायेगी? आवेदन के कितने समय बाद उपलब्ध कराया जायेगा? किस दस्तावेज के लिए जमीन स्वामी को आवेदन के साथ कौन सा दस्तावेज संलग्न करना होगा? समय पर दस्तोवज उपलब्ध नहीं होता है तो रैयत कहां शिकायत कर सकता है, आदि बिन्दुओं को ध्यान में रखकर एसओपी बनायी जा रही है।

