flood in north biharflood in north bihar

जहां एक तरफ़ नदियों के पानी में आई गिरावट तो वहीं अब बाढ़ प्रभावित लोगो को दूसरी परेशानियां सताने लगी है। फिलहाल हर बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों का हाल ऐसा हो गया है कि हर तरफ़ गन्दगी, कीचड़ और बदबूदार जल जमाव का कचरा फैला हुआ है। ऐसे में गंगा के जलस्तर में आई गिरावट के बाद अब डायरिया और सर्दी-खांसी जैसे अन्य वायरल बीमारियों का प्रकोप सताने लगा है।

हर बाढ़ प्रभावित इलाको का कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिल रहा है। बाढ़ का पानी निकले 3 से 4 दिन हो चूके मगर नगर निगम द्वारा अब तक कहीं भी ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं हुआ है और ना ही कोई अन्य कीटाणुनाशक पाउडर का अब तक छिड़काव हो पाया है। अब लोगो का अपने ही घरो में रहना मुश्किल हो चला है। मगर बात सिर्फ इतनी ही नहीं, लम्बे वक़्त से बाढ़ के पानी में रहने के कारण अलग अलग वायरल बीमारियां लोगो में तेज़ी से फ़ैल रही है। गंदे पानी के असर से चर्म रोग के मरीजों की संख्या भी बढ़ते दिख रही है। इन बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की भारी संख्या एक साथ अस्पतालों में पहुँच रहे हैं। एक तरफ़ पीएमसीएच, आईजीआईएमएस जैसे बड़े अस्पतालों में अलग-अलग रोग लोग से प्रभावित लोग पहुँच रहे, तो वहीँ दूसरे ओर अन्य छोटे और निजी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में वायरल बीमारियों से जुज रहे मरीज इलाज करवाने पहुँच रहे है।

पीएमसीएच के ओपीडी विभाग में 15 अगस्त के दिन 24 घंटे में 800 चर्म रोग से जूझते मरीज इलाज करने को पहुंचे थे। वहीं डायरिया और वायरल बीमारियों के केस भी सामान्य दिनों की तुलना में अभी काफी ज़्यादा हो गए है। हालात अब चिंताजनक हो चली है, ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि पिछले दिनों बाढ़ से झुझते लोगो को अब अपने आस-पास कि सफाई और अपने खुद के स्वास्थ्य का भी बेहद अच्छे से ख्याल रखना होगा। साथ ही आईजीआईएमएस के डॉ. राजन और डॉ. मनोज कुमार ने सलाह दिया है कि फिलहाल ठन्डे और बासी खाने से परहेज करना चाहिए और ज़रूरत पढ़ने पर पानी को उबाल कर पीने की ज़रुरत है।