आज भिखारी ठाकुर की जयंती है। भोजपुरी समाज का शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा, जो इस महान लोक कलाकार की रचना से वाकिफ नहीं होगा। भिखारी ठाकुर को भोजपुरी का शेक्सपियर कहा जाता है। भिखारी ठाकुर, अपने तरीके से बनाकर, गानों को, नाटकों को प्रस्तुत किया करते थें। नारी के अधिकारों को लेकर जो लड़ाई आज भी जारी है उन सब पर वो वर्षों पहले लिख चुके थे। उनका अपना हीं एक स्टारडम रहा है। लोग उनकी नाटकों को देखने के लिए मिलों पैदल चल कर जाया करते थे। उनकी शख्सियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उस दौर में भी उनका प्रोग्राम मॉरीशस, केन्या, सिंगापुर, नेपाल, आदि देशों में हुआ करते थे।
