Report by Manisha:
अब क-ख-ग-घ की राजनीति बिहार में शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल दिल्ली में कहा था कि बिहार की जिनको क-ख-ग-घ की जानकारी नहीं है, उनकी बातों पर टिप्पणी क्या करना है। नीतीश कुमार का बयान दिल्ली से होते हुए पटना तक पहुंच चुका है। अब इस पर बयानबाजी और ट्वीट का दौर शुरू हो चुका है।
तेजप्रताप से समझिए क-ख-ग-घ का मतलब: गुरुवार को बिना नाम लिए लालू प्रसाद के बड़े बेटे और विधायक तेजप्रताप यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ट्वीट कर हमला बोला। तेजप्रताप ने अपने ट्वीट में लिखा है कि “क” से किसान क्रेडिट कार्ड घोटाला, “ख” से खाद सब्सिडी घोटाला, “ग” से ग्रामीण बैंक घोटाला और “घ” से घोटालों के सरदार ने 15 वर्ष के अपने शासनकाल में जितना घोटाला किया है, उतना तो हिंदी वर्णमाला में वर्णों की संख्या भी नहीं है।
क-ख-ग-घ पर नीतीश कुमार ने दिया था बयान: दिल्ली में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आए विपक्षी नेताओं के बयान पर नीतीश कुमार ने कहा था कि बिहार की जिनको क-ख-ग-घ की जानकारी नहीं है, उनकी बातों पर क्या टिप्पणी करना है। बिहार में 15 सालों में कितनी प्रगति हुई है, यह अध्ययन करने की बात है।
मंत्रिमंडल विस्तार पर ज्ञानू ने जताई थी नाराजगी: हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार पर बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि “जातिगत संतुलन का ध्यान नहीं रखा गया है। बीजेपी के लगभग 50 प्रतिशत उच्च जाति के उम्मीदवारों ने चुनाव जीते हैं लेकिन किसी को डिप्टी सीएम के रूप में नियुक्त नहीं किया गया। जिन लोगों को जीत नहीं मिली, जिनके पास अनुभव कम है या वे जो अपराधी हैं, उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। दक्षिण बिहार को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है।
