बिहार सरकार अपने सभी दफ्तरों को इ-ऑफिस बनाने की तैयारी में है। बिहार के आईटी मंत्री जिबेष कुमार ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए इसकी जानकारी दी।इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव संतोष कुमार मल्ल, विशेष सचिव अरविन्द कुमार चौधरी तथा अन्य पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। पटना में अब सरकारी कामो के जल्दी निपटारन के लिए अब सभी दफ्तरों को इ-ऑफिस की शक्ल दी जाएगी।
मंत्री जिबेष कुमार ने बताया की सरकारी दफ्तरों को इ-ऑफिस में बदला जाना इ-गवर्नेंस के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग होगी। इ-गवर्नेंस द्वारा प्राप्त इस प्रगति को भविष्य के लिए तैयार और तेज गति वाले ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय विकास साबित होगा। इ-ऑफिस की शुरुवात से राज्य में केंद्रीय शासन व्यवस्था की गाँधीवादी विचारधारा पूरी की जा सकेगी। इससे राज्य के समावेशी विकास को बल मिलेगा।
वार्ता को सम्बोधित करते हुए आईटी सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया की इ-ऑफिस स्थापन से कागज़ रहित कार्य प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल परिचालन लागत में बचत होगी बल्कि इको फ्रेंडली कार्यशैली को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अन्य विभागों को भी इस कार्यशैली को अपनाने का सुझाव दिया। इस फेसलेस और संपर्क रहित डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य उत्पादकता, दक्षता, गुणवत्ता, प्रभावी संसाधन प्रबंधन, समय का उपयोग आदि में सुधार करना और पुरानी मैनुअल प्रक्रिया को इलेक्ट्रानिक फाइल सिस्टम में रूपांतरित कर पारदर्शिता को बढाना है और आधुनिक रूप देना है। यह ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में बिहार सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। यह स्पष्ट है कि ई-ऑफिस ने सरकार के कामकाज पर मौजूदा महामारी के प्रतिकूल प्रभाव को रोकने में मदद की है. सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार सरकार के सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस को तीव्र गति से लागू करने की दिशा में प्रयासरत है।

