बिहार में आज नितीश सरकार द्वारा पटना में ‘जनता का दरबार’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत लोग बड़ी संख्या में पटना पहुंच रहे हैं। अक्टूबर महीने के पहले सप्ताह में तय इस कार्यक्रम में सीएम नितीश मुख्य रूप से ज़मीन और पुलिस से जुड़े मामले सुनते हैं। हर महीने के पहले सोमवार को जनता दरबार में गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार, कारा, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, निगरानी, खान एवं भूतत्व तथा सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ी शिकायतें सुनी जाती हैं। जनता दरबार में आने के लिए पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। अपॉइंटमेंट न होने पर जनता दरबार में आने नहीं दिया जाता है। सीएम सुबह दस बजे से जनता की समस्या सुन रहे हैं।
शुरुवाती मामले ज़मीन से जुड़े थे। एक शिकायतकर्ता ने बताया की उसके गांव में उसके पट्टीदार ने उसके साथ धोका करते हुए उसकी 50 लाख की ज़मीन 7 में ही बेच दी। ज़मीन बेचकर उसका पट्टीदार अपना हिस्सा लेकर कहीं और भाग गया। जब उसे पता चला की गाँव के खतियान में उसका भी हिस्सा है तो फिर वापस आकर उसे आने-पौने दाम पर बेच फरार हो गया।
लेकिन दरबार में सबसे ज़्यादा लोग पुलिस से परेशान दिखे। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस से जुड़ी शिकायतें लेकर ढेरों लोग मुख्य मंत्री से मिलने आए हैं। इसमें केस की सही तरीके से जांच नहीं करने, परेशान करने जैसी तमाम शिकायतें शामिल हैं। इसके अलावा मद्य निषेध विभाग और सामान्ये प्रशासन विभाग से जुड़ी शिकायतों की भी भरमार है। मुख्यशमंत्री एक दिन में आम तौर पर करीब 150 लोगों की शिकायतें सुनते हैं। कोविड प्रोटोकाल को देखते हुए यह सीमा निर्धारित की गई है। जनता दरबार कार्यक्रम शुरू होने के बाद इस खबर को हम अपडेट करते रहेंगे। इससे जुड़ी ताजा जानकारी के लिए खबर को रिफ्रेश करें।

