रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत दौरे पर आएंगे, रूसी सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को घोषणा की। वह 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत आएंगे।
अपनी यात्रा के दौरान, पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करेंगी और उनके सम्मान में भोज का आयोजन करेंगी।
फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यह पुतिन की पहली भारत यात्रा होगी। पुतिन 2023 में भारत द्वारा आयोजित 18वें जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे।
आगामी राजकीय यात्रा के दौरान भारत और रूस के नेता अपने द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति का आकलन करेंगे, अपनी विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की योजनाओं की रूपरेखा तैयार करेंगे और साझा हितों वाले क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
इस यात्रा के दौरान एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया जाएगा और कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएँगे। पुतिन के कार्यालय के अनुसार, यह यात्रा भारत-रूस विशेष रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।
इस बैठक में रूसी तेल की खरीद पर भी चर्चा संभव है। दरअसल, रूसी तेल की खरीद के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप भारत को 50% टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका का कहना है कि इससे रूस को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है।
पुतिन ने तीन महीने पहले भारत आने की बात कही थी।
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने अगस्त की शुरुआत में अपनी मॉस्को यात्रा के दौरान क्रेमलिन में पुतिन से मुलाकात की। यह मुलाकात सुरक्षा, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग पर द्विपक्षीय वार्ता के लिए थी।
इस मुलाकात के दौरान, भारतीय एनएसए ने कहा कि हमारे संबंध बेहद खास और दीर्घकालिक हैं। हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं। राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा की खबर से हम बेहद खुश हैं। तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं।
2021 में आखिरी बार भारत आए
पुतिन आखिरी बार 6 दिसंबर, 2021 को सिर्फ़ चार घंटे के लिए भारत आए थे। इस यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच सैन्य और तकनीकी समझौतों सहित 28 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
दोनों देशों ने 2025 तक 30 अरब डॉलर (2,53,000 करोड़ रुपये) के वार्षिक व्यापार का लक्ष्य रखा है। इस यात्रा से 2030 के लिए एक नए आर्थिक रोडमैप को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
भारत और रूस अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके सालाना 100 अरब डॉलर से ज़्यादा करने पर सहमत हुए हैं। वर्तमान में, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 60 अरब डॉलर का है।
मोदी 2024 में दो बार रूस गए
प्रधानमंत्री मोदी 2024 में दो बार रूस गए। उन्होंने 22 अक्टूबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूस का दौरा किया। इससे पहले, मोदी जुलाई में भी दो दिनों के लिए रूस गए थे। तब उन्होंने पुतिन को भारत आने का न्योता दिया था।
पुतिन अन्य देशों की यात्रा से बच रहे हैं
मार्च 2023 में, अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अदालत ने यूक्रेन में बच्चों के अपहरण और निर्वासन के आरोपों के आधार पर पुतिन को युद्ध अपराधों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था।
यह पहली बार था जब ICC ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के किसी स्थायी सदस्य देश के शीर्ष नेता के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस UNSC के स्थायी सदस्य हैं।
तब से, पुतिन अन्य देशों की यात्रा से बच रहे हैं। पिछले साल उन्होंने G20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत का दौरा नहीं किया था। उन्होंने इस साल ब्राज़ील में हुए G20 शिखर सम्मेलन में भी भाग नहीं लिया। उनकी जगह विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव दोनों कार्यक्रमों में शामिल हुए।