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हकीकत को आइना दिखाकर सबके सामने लाने की हिम्मत करने वाले डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) को जमकर पॉजिटिव रिसपॉन्स मिल रहा है। लेकिन ये दूनिया है जनाब, यहां सच को भी सच मानना बेहद मुश्किल है। सोशल मीडिया पर इस फिल्म को लेकर अफवाहें उड़ रही हैं कि यह एक काल्पनिक फिल्म है। अब एक इंटरव्यू में विवेक की वाइफ और फिल्म की एक्ट्रेस पल्लवी जोशी ने ऐसी सभी अफवाहों को खारिज किया और फिल्म के लिए किए गए रिसर्च के वक्त के वो दर्दनाक किस्से सुनाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास 4,000 घंटे के वो रिसर्च वीडियो हैं, जो उन्होंने फिल्म बनाने से पहले बनाए थे।

इस फिल्म में विवेक अग्निहोत्री ने 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों पर हुए नरसंहार को बेहद ही गंभीरता से दिखाया है। पल्लवी जोशी ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ जेएनयू की प्रोफेसर राधिका मेनन का रोल प्ले किया है और वह इस फिल्म की प्रोड्यूसर भी हैं। इसके अलावा, फिल्म के निर्देशक विवेक और राधिका पति-पत्नी भी हैं, जिस वजह से उन्हें फिल्म की बारीकियों के बारे में काफी अच्छे से पता है। उन्होंने हाल ही में, एक प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान बताया कि विवेक ने फिल्म के लिए रिसर्च करने में कई साल लगा दिए और उनके पास लगभग 4000 घंटे की रिसर्च के वीडियो भी हैं।

कहानी नहीं हकीकत से रूबरू

पल्लवी ने कहा, “हम दुनिया भर में गए, यूएसए, यूके, जर्मनी, सिंगापुर, जम्मू और कश्मीर, पुणे, थाईलैंड, दिल्ली। जब हम अपने पहले इंटरव्यू के लिए गए तो हमें पता था कि हम जिससे बात करने जा रहे हैं, उसके पिता का मर्डर हुआ था और मां का रेप पर हमें यह नहीं पता था कि कैसे। जब हम वहां गए तब उन्होंने खुशी से हमारा स्वागत किया। फिर उन्होंने हमें सब कुछ बताया, अपने खुशहाल बचपन से लेकर इस त्रासदी तक के बारे में।”

उनके घर में उनके पिता की हत्या और मां का रेप हुआ था। कैसे हुआ ये हमें नहीं पता था। इस बारे में बताते हुए उन्होंंने खुशहाल बचपन से लेकर उस दर्दनाक घटना तक का जिक्र किया। उन्होंने हमें बताया कि उनकी (पिता) गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और शरीर को 50 टुकड़ों में काटकर एक बोरी में भरकर फेंक दिया गया। बोरी 2-3 दिनों के बाद सामने आई, तो शरीर पर उनके आईडी कार्ड के टुकड़ा था, जिससे ही शव की पहचान हुई थी।

पल्लवी ने आगे कहा, “हम उन लोगों से मिले हैं। हमने उनके लंबे फॉर्मेट के वीडियोज इंटरव्यू शूट किए और हमारे पास वो वीडियो भी हैं, जो लोगों के सामने भी आएंगे। तो अगर कोई हम पर आरोप लगा रहा है कि फिल्म में कुछ गलत है, तो आप आकर पूरे 4,000 घंटे का रिसर्च वीडियो देख सकते हैं।” वह बताती हैं कि हर दिन हम ऐसी 3-4 कहानियाँ सुनते थे जिसने हमें झकझोरा और सोचने पर मजबूर कर दिया।

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