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डिजिटल इंडिया के तहत अब सारे दस्तावेज डिजिटल हो रहे हैं। भारत में कई राज्य के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा बोर्ड हैं जो डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध करा रहे हैं। इसी के साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सभी शैक्षणिक संस्थानों से डिजिलॉकर (DigiLocker) खाते में जारी किए गए दस्तावेजों में उपलब्ध डिग्री, मार्कशीट और अन्य दस्तावेजों को वैध दस्तावेजों के रूप में स्वीकार करने का अनुरोध किया है।

UGC ने हाल ही में जारी एक सर्कुलर में कहा कि “National Academic Depository (NAD) शैक्षणिक संस्थानों द्वारा डिजिटल प्रारूप में दर्ज किए गए अकादमिक पुरस्कारों (डिग्री, मार्क-शीट आदि) का एक ऑनलाइन भंडार है। यह छात्रों को बिना किसी हस्तक्षेप के कभी भी, कहीं भी अपने मूल जारीकर्ताओं से सीधे डिजिटल प्रारूप में प्रामाणिक दस्तावेज/ प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है।”

डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर सारे छात्रों की डिग्री, मार्क-शीट और अन्य दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किया जाता है। इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ये इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड Information Technology Act, 2000 के प्रावधानों के अनुसार वैध दस्तावेज हैं। छात्र अपने दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी अपलोड और डाउनलोड करने के लिए डिजिलॉकर ऐप डाउनलोड कर सकते हैं या वेबसाइट पर खुद को रजिस्टर कर सकते हैं।

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