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बिहार के समाज में बेटियों की शिक्षा के अधिकार को बढ़ावा देने के राज्य सरकार अपनी हर मुमकिन प्रयास करने की कोशिश करती है। और इन्ही कोशिशों में एक पहल मुख्यमंत्री नितीश कुमार द्वारा शुरू किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी के ‘बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ’ योजना जैसे ही नितीश सरकार ने भी 4 साल पहले कन्या उत्थान योजना की शुरुवात की थी। और इस योजना के तहत इंटर और ग्रेजुएट पास अविवाहित लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए धनराशि प्रदान की जाती है।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ किसी भी धर्म, जाति एवं समुदाय की बेटियों को मिल सकता है। इस योजना के अंतर्गत सभी अविवाहित ग्रेजुएट पास को 50 हजार रुपए, इंटर पास लड़कियों को 25 हजार रूपए और वहीं इंटरमीडिएट उत्तीर्ण लड़कियों को 10 हज़ार रुपए दिए जायेंगे। और फिलहाल इसमें खुशखबरी वाली बात यह है कि कन्या उत्थान योजना, बिहार की पहली क़िस्त इसी महीने 31 अगस्त तक सभी इंटर व ग्रेजुएशन पास लड़कियों को मिलने वाली है। आपको बता दें की इन सभी लड़कियों को प्रोत्साहन राशि बैचलर्स की डिग्री प्राप्त करने तक किस्तों में ही दी जाएंगी। पहली क़िस्त में बिहार शिक्षा विभाग की ओर से 30 करोड़ की कुल राशि जारी की जा रही है जो कि आवस्यकता अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है।

इस योजना का लाभ लेने में क्या है शर्त और नियम ?
सबसे पहले योजना के तहत लाभ उठाने के लिए छात्राओं को बिहार की पूर्ण निवासी होनी चाहिए। और वहीं एक परिवार से केवल 2 बेटियों को ही इस योजना के अंतर्गत अपनी नामांकन कर सकती है। और तीसरा सबसे मुख्य शर्त यह है कि माता-पिता में से कोई भी सरकारी विभाग में कार्यकर्ता नहीं होने चाहिए। इस योजना का लाभ उठाने के लिए इंटरमीडिया, इंटर एवं ग्रेजुएट लड़कियों को ऑफिसियल वेबसाइट – http://edudbt.bih.nic.in/ पर जाकर आवेदन डालना होगा। साथ ही आवेदन फॉर्म भरने के लिए निचे दिए गए दस्तावेज मौजूद होने आवश्यक है:

  1. आधार कार्ड
  2. बैंक खाता (पासबुक)
  3. इंटर की मार्कशीट
  4. स्नातक की मार्कशीट
  5. मोबाइल नंबर
  6. पासपोर्ट साइज फोटो

दरअसल इस योजना के माध्यम से सरकार लड़कियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने एवं बाल विवाह को रोकने का प्रयास कर रही है। दिए जाने वाले प्रोत्साहन राशि से लड़कियों के माता-पिता को मदद मिलेगी और साथ ही अपनी बेटियों को वह आगे पढ़ने की मजूरी भी दें सकेंगे। इससे ना केवल लड़कियों को आगे पढ़ाई करने की प्रोत्साहन मिलेगी बल्कि इससे शिक्षा समेत समाज के अन्य तत्वों में भी विकास होगी।