COVID-19 महामारी के बीच हजारों नामांकित छात्र घर पर ही फंसे हुए हैं। चीनी वीजा प्रतिबंध से विभिन्न चीनी विश्वविद्यालयों (Chinese Universities) में नामांकित 23,000 से अधिक भारतीय छात्र प्रभावित हुए हैं। इसे देखते हुए भारत ने चीनी मेडिकल स्कूलों में पढ़ाई को लेकर डिटेल्ड एडवाइजरी (Advisory) जारी की है।
दूतावास ने एक बयान में कहा, “बीजिंग में भारतीय दूतावास को संभावित भारतीय छात्रों और उनके माता-पिता से चीन में स्नातक क्लीनिकल मेडिसिन प्रोग्राम में प्रवेश लेने के संबंध में कई प्रश्न प्राप्त हो रहे हैं।” भारतीय दूतावास ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन द्वारा किए गए एक अध्ययन का लिंक भी साझा किया, जिसमें बताया गया है कि 2015 से 2021 तक FMG परीक्षा में बैठने वाले 40,417 छात्रों में से केवल 6387 ने ही इसे पास किया है।
चीन ने जुलाई में कहा था कि देश ने भारतीय छात्रों की वापसी को सुविधाजनक बनाने में प्रगति की है और यह देखने के लिए संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम कर रहा है कि भारतीय छात्रों का पहला बैच जल्द से जल्द चीन में अध्ययन के लिए वापस आ सके। भारतीय छात्रों की वापसी की सुविधा के लिए एस जयशंकर (S Jaishankar) ने 25 मार्च को चीनी विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) से मुलाकात भी की थी।
