ओडिशा काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन (CHSE) ने 12वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही लाखों छात्रों के बीच उत्साह और तनाव दोनों बढ़ गए हैं। थ्योरी परीक्षाएँ 18 फरवरी से शुरू होकर 21 मार्च तक चलेंगी, वहीं प्रैक्टिकल परीक्षाएँ 2 जनवरी से 15 जनवरी के बीच आयोजित की जाएँगी। परीक्षा तिथियों के तय हो जाने से छात्र अपनी तैयारी के अंतिम चरण में प्रवेश कर चुके हैं। कई विद्यार्थी इस मौके को अपने करियर के सबसे अहम मोड़ के रूप में देख रहे हैं, जबकि अभिभावकों के मन में भी उम्मीद और चिंता दोनों बराबर बनी हुई हैं।
एडमिट कार्ड 15 दिसंबर से ऑनलाइन, डिजिटल सुविधा से बढ़ेगी आसानी
CHSE चेयरमैन मृणाल कांति दास के अनुसार इस बार छात्रों को एडमिट कार्ड प्राप्त करने के लिए किसी संस्थान में लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रवेश पत्र 15 दिसंबर से ऑनलाइन उपलब्ध होंगे और छात्र अपने घर बैठे आसानी से उन्हें डाउनलोड कर सकेंगे। बोर्ड ने इस प्रक्रिया को अधिक सरल और उपयोगी बनाने के लिए डिजिटल पोर्टल की क्षमता भी बढ़ाई है, ताकि अंतिम दिनों में बढ़े हुए ट्रैफिक के बावजूद वेबसाइट स्मूथ तरीके से काम कर सके। डिजिटल इंडिया की दिशा में यह कदम शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।
इस साल परीक्षा में कुल 4,00,736 छात्र पंजीकृत हुए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक उल्लेखनीय संख्या है। इनमें 2,56,042 छात्र आर्ट्स स्ट्रीम से हैं, जो यह दर्शाता है कि युवा वर्ग में सामाजिक विज्ञान और मानविकी की लोकप्रियता अभी भी मजबूत है। वहीं 1,14,238 छात्र साइंस स्ट्रीम से शामिल हो रहे हैं, जिनके लिए प्रतियोगी माहौल और भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। कॉमर्स में 24,533 छात्र और वोकेशनल स्ट्रीम में 5,923 परीक्षार्थी दर्ज किए गए हैं। ये आँकड़े न सिर्फ शिक्षा के फैलाव को दर्शाते हैं, बल्कि इस बात का संकेत भी देते हैं कि हर धारा में करियर के बढ़ते अवसरों ने छात्रों को प्रेरित किया है।
राज्यभर में 1,350 परीक्षा केंद्र, CCTV और AI से लैस सुरक्षा व्यवस्था
इस बार सुरक्षा के मोर्चे पर CHSE ने हर संभव एहतियात अपनाया है। कुल 1,350 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सभी जगह CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही 210 विशेष परीक्षा हब बनाए गए हैं जहाँ प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखा जाएगा। इन हब में AI-सक्षम कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो किसी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पहचान सकते हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूत तथा तकनीक-संचालित है। बोर्ड का मानना है कि तकनीक का उपयोग परीक्षा की विश्वसनीयता को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा और पेपर लीक या नकल जैसी घटनाओं को शून्य के करीब लाएगा।
प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए लाइव वेबकास्ट, पारदर्शिता का नया अध्याय
प्रैक्टिकल परीक्षाओं में भी इस बार पारदर्शिता को अत्यधिक महत्व दिया गया है। सभी प्रैक्टिकल परीक्षा केंद्रों में लाइव वेबकास्ट और स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की जा रही है, जिससे हर गतिविधि का रियल-टाइम रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे परीक्षकों पर भी जिम्मेदारी बढ़ेगी और छात्रों को निष्पक्ष माहौल में अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था प्रदेश के शिक्षा तंत्र में बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है, जहाँ न केवल सुरक्षा बल्कि निष्पक्षता को भी शीर्ष प्राथमिकता दी जा रही है।
परीक्षा के दौरान नकल या अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए हर जिले में दो फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए जाएंगे। प्रत्येक दस्ते में छह सदस्य होंगे और उन्हें गश्त के लिए दो वाहन दिए जाएंगे। ये टीमें बिना किसी पूर्व सूचना के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगी, जिससे गड़बड़ियों की संभावना काफी कम हो जाएगी। CHSE का कहना है कि परीक्षा की गरिमा और पवित्रता को किसी भी कीमत पर क्षतिग्रस्त नहीं होने दिया जाएगा। इसी कारण, इस साल निगरानी पहले से कहीं ज्यादा कड़ी और तकनीकी रूप से उन्नत होगी।
