Daru-Mafiya

Darbhanga : एक ओर बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार (Nitish Kumar) शराबबंदी को सफल बनाने के लिए हर संभव कोशिश में लगे हुए हैं। तो वहीं दूसरी तरफ शराब माफिया और शराब कारोबारी का हौसला कितना बढ़ गया है कि वो पुलिस को ही जिंदा जलाने का प्रयास करने लगे हैं।

इसका जीता जागता उदाहरण एक बार फिर दरभंगा जिले के हायाघाट थाना इलाके के हथौड़ी में देखने को मिला । यहाँ हायाघाट की पुलिस अवैध शराब होने की गुप्त सूचना पर हथौड़ी बाजार के धोबोपुर गाँव पहुची जहां पुलिस ने छापेमारी कर कुछ विदेशी शराब की बोतल बरामद की इसके बाद पुलिस ने माखन चौधरी (Makhan Chaudhary) के घर छापेमारी की।

यहाँ भी घर के सीढ़ी पास से तीन विदेशी शराब के बोतल बरामद किया, लेकिन घर मे माखन चौधरी नहीं मिला। ऐसे में तत्काल पुलिस माखन चौधरी के पिता सुरेंद्र चौधरी को गिरफ्तार कर थाने ले जाने निकली तभी घर के लोग इसका विरोध करने लगे। विरोध के बावजूद पुलिस किसी तरह सुरेंद्र चौधरी को पुलिस जीप में बिठाया तभी अचानक दस से बीस की सांख्या में लोग लाठी डंडे लेकर पुलिस का घेराव कर दिया।

उन्हेने पुलिस के साथ मारपीट की और गिराफ्तार सुरेंद्र चौधरी को पुलिस जीप से उतार लिया। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार भीड़ इतने पर शांत नही हुई बल्कि पुलिस जीप के साथ पुलिस के जवान पर पेट्रोल और डीजल डाल जिंदा जलाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस मामले की गंभीरता को देखते मौके से जान बचा कर भागने में ही भलाई समझी और किसी तरह सभी पुलिस वाले अपनी जान बचा कर मौके से भाग निकले। हलाकि भीड़ तब भी कुछ दूर इनका पीछा किया ।

वहीं पूरे मामले पर दरभंगा के सिटी एस पी अशोक कुमार (Ashok Kumar) ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि शराब माफिया के साथ कुछ उपद्रविओ ने पुलिस पर हमला कर शराब कारोबारी सुरेंद्र चौधरी को पुलिस गिरफ्त से छुड़ा कर ले गए। तत्काल पुलिस को वहाँ से भागना पड़ा था लेकिन घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अतिरक्त पुलिस फोर्स को भेज कर पुलिस पर हमला करनेवाले चार लोगों को गिराफ्तार किया गया और आगे की कार्यवाही की जा रही है। वहीं उन्होंने बताया कि शराब माफिया ओर शराब कारोबारी के खिलाफ पुलिस की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगा ।

सुरेंद्र चौधरी का बेटा और पुलिस पर हमला करने के आरोपी नाथों चौधरी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस बिना वजह उनके परिवार के साथ उनके भाई माखन चौधरी को भी तंग करती है। उन्होने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इसके पहले भी उनके भाई माखन चौधरी को शराब के मामले में जेल भेज दिया था। जबकि उसके पास से तब भी शराब बरामद नहीं हुआ था। आज भी शराब दूसरे जगह से बरामद हुआ मेरे घर और मेरे जमीन पर कुछ भी नही मिला तब भी पुलिस उनके पिता सुरेंद्र चौधरी को गिरफ्तार कर ले जा रही थी। तब उनलोगों ने पुलिस का विरोध किया उन्होंने खुद भी माना कि वे सब पुलिस के साथ मारपीट कर अपने पिता को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाया।