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अवैध बालू खनन मामले में बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू रेड) की टीम ने भोजपुर के पूर्व व निलंबित मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) विनोद कुमार के तीन ठिकानों पर छापेमारी कर भारी संपत्ति का खुलासा किया। आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने आज एसटीएफ के सहयोग से पटना के रूपसपुर क्षेत्र में मोटर वाहन निरीक्षक विनोद कुमार के शांति एन्क्लेव अपार्टमेंट में छापेमारी की। फ्लैट संख्या 204 में विनोद कुमार अपने परिवार के साथ रहते हैं। आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने बुधवार को बक्सर जिले के नवानगर में मोटर वाहन निरीक्षक के अन्य ठिकाने और पैतृक आवास पर भी छापेमारी की।

मोटर वाहन निरीक्षक का तीसरा ठिकाना आरा शहर के मोतीझील इलाके में स्थित है जहां छापेमारी की गई थी। आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर हसनैन खान के निर्देश पर इन तीनों जगहों पर छापेमारी कर आर्थिक अपराध इकाई की टीम को अवैध संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें टीम ने जब्त कर लिया है। छापेमारी में पता चला है कि मोटर वाहन निरीक्षक ने अपने और अपनी पत्नी के नाम जमीन खरीदने के अलावा काफी संपत्ति अर्जित की है। आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने पेपरों का विश्लेषण शुरू कर दिया है।

आर्थिक अपराध इकाई ने जानकारी दी है कि विनोद कुमार को सर्विलांस द्वारा 2016 में 44 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। विनोद कुमार जब भोजपुर में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे तो इस दौरान उन पर बालू माफिया को सहयोग करने का आरोप लगा था। बताया जा रहा है कि जिले में प्रतिदिन बालू का अवैध ओवरलोडिंग हो रहा था और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर को इसकी भनक भी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने आंखें बंद रखीं, जिसके कारण सरकार को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ा।