भागलपुर में गुरुवार को हुए धमाके में अब 15 मौते हो चुकी है। खबर आ रही है की 9 लोग घायल है, इनमें 2 की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट से पता चला है की जो मरीज घायल है उनकी इलाज में भी लापरवाही बरती जा रही है। भागलपुर के सबसे बड़े अस्पताल जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में न इन्हें देखने वाले डॉक्टर इन्हें पर्याप्त समय दे रहे हैं और न नर्स ही इसे गंभीरता ले रहीं है।
मरीज के साथ हो रही लापरवाही की सूचना के बाद मीडिया की कुछ टीम जब हॉस्पिटल मैनेजमेंट के पास पहुंची तो कई हैरान करने वाली जानकारी सामने आई। वार्ड में डॉक्टर सिर्फ खानापूर्ति करने आते हैं। ऑर्थो वार्ड में 145 मरीजों को मात्र 4 नर्सों के भरोसे छोड़कर डॉक्टर दिन भर गायब रहते हैं। नर्स कहती हैं कि अगर किसी की स्थिति ज्यादा बिगड़ती है तो उन्हें वार्ड से इमर्जेंसी में भेज दिया जाता है। वहीं उनका इलाज होता है। इस बीच अगर स्थिति ज्यादा बिगड़ जाती है तो उसकी जिम्मेदारी किसी की नहीं है।
मीडिया ने उस दौरान वार्ड के मैनेजर का पक्ष जानने की कोशिश की तो वो भी अपनी कुर्सी से नदारद थे। डॉक्टर चैंबर पर ताला लटक रहा था। बदइंतजामी का आलम केवल इतना ही नहीं है। इतने बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले इस मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में न मरीजों को रखने की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही उपचार के उचित संसाधन। यहां अगर इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ जाती है तो उन्हें बरामदे में रखकर इलाज कराया जाता है। यहां सलाइन चढ़ाने के लिए बोतल मरीज के परिजनों को पकड़ना होता है। वार्ड से तो डॉक्टर और वार्ड मैनेजर के गायब रहने के बाद पत्रकारों ने हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट से संपर्क करने की कोशिश की। उन्हें दो बार कॉल किया गया। उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। उन्हें मैसेज किया गया जिसका जवाब खबर लिखे जाने तक उन्होंने नहीं दिया। अगर कुछ भी जवाब आता है तो हम जरूर आपके साथ साझा करेंगे।
