बिहार के पशुपालन मंत्री मुकेश सहनी के तीन एमएलए ने बीजेपी का दामन थाम लिया। सहनी ने इस दल-बदल का जिम्मेदार भाजपा को बताया। नीतीश के पाले में गेंद डालते हुए यह भी कहा कि वह मंत्री पद नहीं छोड़ेंगे। अंत में फैसला सीएम के हाथ में है। पार्टी बदलने के संबंध में जब एनडीए में सहयोगी जीतनराम मांझी से सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब दे सभी को चौंका दिया। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के विधायक भी बीजेपी में जा सकते हैं? इस सवाल के जवाब में मीडिया से मांझी ने कहा कि यह राजनीति है। कौन किसके साथ चला जाएगा कुछ कहा नहीं जा सकता।
मांझी ने कहा कि सहनी और भाजपा का मामला अंदरूनी है। इसपर मेरा कुछ कहना ठीक नहीं है। हालांकि मांझी ने यह जरूर कहा कि भाजपा ने पुरानी परंपरा तोड़ी है। जिस पार्टी की सीट होती है वही लड़ती है या उनका परिवार चुनाव में हाथ आजमाता है। मांझी ने कहा कि भाजपा ने नई तरकीब क्यों अपनाई ये तो वही बता सकती है।
मुकेश सहनी के इस्तीफा देने के सवाल पर मांझी ने कहा कि जुलाई तक उनकी एमएलसी की सदस्यता है। अगर सीएम चाहेंगे तो वह छह महीने और भी रह सकते हैं। ऐसे में निर्णय सरकार को ही लेना है। मांझी से सवाल पूछा गया कि जो सहनी के साथ हुआ है वो आपके साथ भी क्या हो सकता है? जवाब में मांझी ने कहा कि राजनीति में कुछ भी संभव है। विधायकों को तोड़ना नई बात नहीं है। दूसरे राज्यों में ऐसा होता रहा है। कौन किसके साथ हो जाएगा ये कहा नहीं जा सकता।
