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धरना देने के कई तरीके होते हैं। कोई अनशन करते हैं तो कोई नारे लगाते हैं। लेकिन जब महिलाएं अपनी चिढ़ और जिद पर आती हैं तो उनका प्रदर्शन भी उनके अपने हथियार के साथ ही होता है। मुजफ्फरपुर में मनरेगा के तहत जब महिलाओं को काम नहीं मिला, तो सैंकड़ो महिलाएं नाराज होकर कलेक्ट्रेट परिसर में गेट के सामने धरने पर बैठ गई हैं।

इसमें खास बात ये है कि महिलाएं चूल्हा और बर्तन लेकर धरने पर बैठ गई हैं। इनका कहना है कि जब तक काम नहीं मिलेगा यहीं रहेंगी और खाना भी बनाएंगी। एक महिला के अनुसार आज धरना का दूसरा दिन है, लेकिन कोई भी अधिकारी उन लोगों से बात करने नहीं आये नहीं आए हैं और न पूछने आए हैं। उनका कहना है कि मनरेगा के तहत 100 दिन काम देना है। लेकिन, साल भर से उन लोगों को काम नहीं मिला है।

धरना में 14 पंचायतों की 200 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। उनका कहना हैं कि जब भी रोजगार सेवक को काम देने के लिए कॉल करते हैं तो टालमटोल करने लगता है। कई बार तो काम की बात बोल कर दूसरे पंचायत में भेज दिया है। लेकिन, वहां पर जाने पर कोई काम नहीं मिला। वे लोग कई बार निराश होकर लौट गई हैं।