आपके दिनचर्या के तीनो समय के भोजन में सलाद बहुत अहम भूमिका निभाता है। डॉक्टरों के मुताबिक सलाद के कई फायदे होते हैं। चाहे वो आपके पेट से जुड़े मामले हो या आपकी त्वचा से। सलाद हर चीज़ के लिए परफेक्ट मील साबित होता है। दुनिया भर में लोग खुद को स्वस्थ रखने के लिए सलाद को प्राथमिकता दे रहे हैं। लोग जैसे-जैसे स्वास्थ्य के बारे में जागरूक हो रहे हैं, वैसे-वैसे वो अपने भोजन में सलाद का इस्तेमाल भी बढ़ा रहे हैं। भारत में सलाद में काम आने वाली सब्जियों की डिमांड भी बढ़ रही है।
इसी बढ़ती डिमांड को देखते हुए बिहार सरकार ने सलाद में इस्तेमाल होने वालीं विदेशी किस्म की सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। नालंदा जिले के चंडी और वैशाली जिले के देसरी में कृषि विभाग इन फसलों की नर्सरी लगाए जायेंगे। और फिर यहां से किसानों को आधे दाम पर पौधे दिए जाएंगे।
डायबिटीज से ग्रसित मरीज हो या अपनी त्वचा पे पिम्पल से परेशान लोग हों, डॉक्टर्स अक्सर ऐसे लोगों को सलाद के फायदे समझाते हैं। और उन्हें सलाद खाने के लिए प्रेसरित करते हैं। ऐसे में सलाद में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां की बाजार में भारी मांग भी बढ़ रही है। हर सीजन में इसका दाम अच्छा मिलने से किसान भी इसकी खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
फिलहाल बिहार में अच्छी गुणवत्ता के बीज किसानों को नहीं मिल पा रहे हैं। इसलिए सरकार ने विदेशी किस्म की शिमला मिर्च, चेरी, टमाटर, बीज रहित खीरा, फूल गोभी और लत्तीदार सब्जियों की नर्सरी लगाने का फैसला किया है। इसके लिए सेंटर ऑफ एक्सिलेंस ने देसरी और चंडी का चयन किया गया है।
आपको बता दें विदेशी सब्जियों के इन पौधों की कीमत लगभग दस रुपये प्रति पौधा है। मगर सरकार किसानों को आधी कीमत पर इन्हें उपलब्ध कराएगी। इसके लिए राज्य सरकार इन सब्जियों के पौधों पर 50 फीसदी अनुदान देगी। सरकार का मानना है कि किसान इन फसलों की खेती करेंगे तो उनकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी।
