बिहार के मगध विश्वविद्यालय में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले पर सबकी नज़र है। इसी बीच निगरानी के विशेष न्यायाधीश मनीष द्विवेदी ने शनिवार, 3 जुलाई को मगध विश्वविद्यालय में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में अभियुक्त पूर्व कुलपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के खिलाफ गिरफ्तारी का गैर जमानतीय वारंट जारी कर दिया है। घोटाले की जांच कर रही निगरानी की एसवीयू की टीम ने निगरानी कोर्ट में पिछले दिनों एक आवेदन दायर कर अभियुक्त पूर्व कुलपति डॉ.राजेन्द्र प्रसाद की गिरफ्तारी के लिए वारंट का अनुरोध किया था।
जिसके बाद इस आवेदन पर संज्ञान लेते हुए निगरानी कोर्ट ने पूर्व कुलपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद गैर जमानती वारंट जारी किया है। और इधर कुलपति की अग्रिम जमानत अर्जी पटना हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर रखी है। गौरतलब है कि पूर्व कुलपति उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं। उनके गोरखपुर स्थित आवास पर भी एसवीयू की टीम ने छापेमारी की थी।
घोटाले की छान बिन कर रही टीम को करोड़ों रुपये की चल व अचल संपत्ति का पता चला है। इस छापेमारी में टीम को 90 लाख रुपये नगद, विदेशी नोट समेत लाखों रुपये के गहने व जेवरात बरामद किये गए थे। एसवीयू की टीम आरोपित कुलपति से अब तक पूछताछ नहीं कर पायी है।
