बाबा-बैद्यनाथ

14 जुलाई से सावन की शुरुआत होने जा रही है। और झारखंड के बाबा वैद्यनाथ मंदिर में अभी से ही प्रति दिन हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। और सावन में बिहार से कांवर उठा कर बाबा वैद्यनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालओं की भीड़ लाखों की संख्या में उमड़ेगी। सावन महीने में देश और दुनिया से शिव भक्तों की टोली देवघर का रुख करती है। लेकिन इन भीड़ में बाबा के दर्शन हो पाना तो दूर की बात ढंग से बाबा के ऊपर जल चढ़ा पाए वहीं बहुत है।

लेकिन इस बार मंदिर परिसर में बाबा के वीआईपी दर्शन करने का विकल्प भी दिया जा रहा है। अब भक्त VIP विकल्प से बाबा के दर्शन और जल दोनों ही चढ़ा सकते हैं। इसके लिए अब आपको डिजिटल कार्ड लेना होगा। बिना कार्ड के मशीन अंदर जाने की इजाजत ही नहीं देगी। यह पूरी व्यवस्था मेट्रो स्टेशन की तरह की गई है। जब तक डिजिटल कार्ड को मशीन में नहीं डाला जाएगा तब तक उसका गेट आगे बढ़ने के लिए नहीं खुलेगा।

बाबा वैद्यनाथ के मंदिर में 10 मशीनों से इस हाई टेक व्यवस्था का ट्रायल किया जा रहा जा रहा है, सफलता के बाद इसकी संख्या बढ़ा दी जाएगी। सावन में भक्तों की भीड़ को देखते हुए यह नई व्यवस्था बनाई जा रही है। बाबा वैद्यनाथ मंदिर में भीड़ को देखते हुए वीआईपी दर्शन यानी शीघ्र दर्शन की व्यवस्था बनाई गई है। इस व्यवस्था में भक्तों को गर्भ गृह में पहुंचने की वेटिंग काफी कम हो जाती है। सामान्य भक्तों को लंबी लाइन में होकर बाबा का दर्शन करने के लिए जाना होता है।

लेकिन अब इस व्यवस्था से लोग शीघ्र दर्शन काट सकते हैं। और इसके लिए लोगों की लाइन सामान्य लाइन से काफी छोटी होगी। जो मंदिर प्रांगण से ही होती हुई है। आपको बता दें कि इस सुविधा के लिए श्रद्धालुओं को टिकट लेना पड़ता है। एक टिकट का मूल्य 250 रुपए रखा गया है। पहले भी ये 250 रुपए ही था। मंदिर प्रबंधन के काउंटर से पास लेने वालों को वीआईपी दर्शन की अनुमति दी जाती है।

अब तक कागज का कार्ड दिया जाता था। कागज के कार्ड पर एक बार कोड होता था जिसे मंदिर में शीघ्र दर्शनम के लिए लाइन में लगने से पहले बार कोड स्कैनर मशीन से स्कैन किया जाता है। स्कैनिंग के बाद संबंधित व्यक्ति को लाइन में बाबा के मंदिर में जाने के लिए लाइन में भेजा जाता है।

आपको बता दें कि पहले कागज का पास दिया जाता था। लेकिन कागज होने के कारण पानी में भींगते ही कार्ड की स्कैनिंग नहीं हो पाती थी। इससे श्रद्धालुओं को काफी समय लग जाता था। स्कैनिंग की एक मशीन होने के कारण श्रद्धालुओं का सबसे अधिक समय स्कैनिंग में ही लगता था। लेकिन अब इसकी संख्या बढ़ा दी गयी है। जिससे लोगों को जल्द दर्शन मिलेगा और साथ ही इस बार कार्ड को डिजिटल कर दिया गया है।

अब सावन में भीड़ के बीच इन मशीनों की तेजी से काफी राहत होगी। इससे मंदिर प्रबंधन के साथ श्रद्धालुओं को भी काफी आसानी होगी। आने वाले दिनों में ऐसी सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा, इसके लिए भी मंथन चल रहा है। श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था और उनकी सुविधा को लेकर हर तरह से तैयारी की जा रही है।

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