पिछले दिनों केरल में मिले मंकीपॉक्स के मामले के बाद देश में अब तक 4 मंकी पॉक्स (Monkey Pox) के मामले मिल चूके हैं। और अब एक और मामला सामने आ रहा है। और ये मामले बिहार में मिला है। जी हां बिहार में मंकी पॉक्स का एक संदिग्ध मरीज मिलने की खबर सामने आ रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है कि मरीज मंकी पॉक्स का ही है।
देश के 4 राज्यों में मंकी पॉक्स के केस मिलने के बाद बिहार में भी स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के लिए पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है। बता दें कि WHO द्वारा मंकी पॉक्स को लेकर इमरजेंसी घोषित कर दी गयी है। बिस्सी बीच बिहार में मिले संदिग्ध इस मरीज के लक्षण काफी हद तक मंकी पॉक्स जैसे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, पीएमसीएच के माइक्रो बायोलॉजी विभाग की टीम और WHO की टीम इस मरीज का सैंपल ली है। इसके लिए एसओपी के तहत पूरी गाइडलाइन का पालन कर सावधानी के साथ सैंपल लिया गया है।
पूरी मेडिकल टीम पटना सिटी स्थित संदिग्ध मरीज के घर गयी और उसका सैंपल ली गयी है। इसके बाद इस सैंपल को वायरोलॉजी लैब पुणे भेजा जाएगा। तब तक संदिग्ध मरीज की केस हिस्ट्री का पता लगाया जा रहा है। आपको बता दें कि आज ही स्वास्थ्य विभाग ने राज्य भर के सिविल सर्जन को मंकी पॉक्स को लेकर अलर्ट जारी किया है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने को तो कहा ही है, साथ ही राज्य के सभी जिलों के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन भी भेजी है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के सिविल सर्जन और सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य और अधीक्षक के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। अपर मुख्य सचिव के अनुसार, अभी बिहार में एक भी केस नहीं मिले हैं बावजूद बाहर से आनेवाले खासकर विदेश यात्रा से लौटने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
वहीं बिहार के सर्विलांस अफसर डॉ. रणजीत कुमार ने बताया कि, “अभी तक राज्य में मंकी पॉक्स के संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन बाकी राज्यों के खतरे को देखते हुए सभी प्रकार से बिहार तैयार है। एसओपी के तहत कहा गया है कि विदेश यात्रा कर लौटने वाले लोगों पर नजर रखी जाए साथ ही लक्षण दिखाई देते ही तुरंत सैंपलिंग कराकर जांच कराई जाए। खासकर ऐसे लोगों पर नजर रखी जाए जो पिछले 21 दिनों में विदेश से लौटे हों।”
