बिहार में जो लोग धार्मिक स्थलों की जमीन को हड़प कर बैठे हैं उन लोगों पर सरकार अब नकेल कसने वाली है। उन लोगों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दिशा में बिहार सरकार ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के धार्मिक न्यास परिषद के अधीन आने वाले मठ-मंदिरों जैसे आदि की जमीन संबंधी विवरणी को एक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जो नोडल पदाधिकारी जिले के अपर समाहर्त्ता अंचल अधिकारी से मंदिर, मठ, कबीर मठ आदि की भूमि की विवरणी को लेकर पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इस पोर्टल का जल्द ही उद्घाटन किया जायेगा। धार्मिक न्यास परिषद के तहत बिहार में आने वाली भूमि को लोक भूमि घोषित करने का विचार किया गया है। पिछले दिनों विधि विभाग एवं राज्य एवं भूमि सुधार विभाग की संयुक्त बैठक हुई। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत कुमार ने विधि विभाग एवं धार्मिक न्यास परिषद से अपील की है कि परिषद के तहत आने वाली भूमि को लोक भूमि के तहत लाया जाये।
साथ ही परिषद की भूमि की बिक्री पर रोक लगाया जाये। और पहले मठ-मंदिर की बेची गयी जमीन की जमाबंदी रद्द की जाये। इन सब के लिए निर्देश जारी किये जाये जिससे धार्मिक न्यास परिषद की जमीन को लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत लाया जा सके और अन्य सभी समस्याओं का विधि सम्मत समाधान किया जाए।
