रानी लक्ष्मीबाई की कर्मभूमि झाँसी में तीन दिवसीय “राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व” का शुभारंभ हो गया है। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत इस पर्व का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने किया। इसमें कई योजनाओं को लॉन्च किया गया। इन परियोजनाओं के तहत 100 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना, एनसीसी बॉर्डर और कोस्टल स्कीम, एनसीसी एलुमनी एसोसिएशन और कैडेटों के लिए राष्ट्रीय सिमुलेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम को लॉन्च किया जायेगा।
इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवाओं की सराहना करते हुए महत्वपूर्ण विषयों को छुआ और बताया कि देश के विकास को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका कैसे सर्वोत्कृष्ट थी। उन्होंने कहा, “सेना में महिलाओं के लिए दरवाजे खोले जा रहे हैं। हमारी सरकार ने सेना के तीनों अंगों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है। पीएम नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से हमारी सेना में महिलाओं का योगदान बढ़ रहा है। पुणे में मौजूद देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान नेशनल डिफेंस एकेडमी में महिलाओं के लिए दरवाजे खोले गए हैं।”
झांसी की जब चर्चा होती है तो भारत के शौर्य, पराक्रम, वीर और वीरांगनाओं की धरती की रूप में पहचान होती है। इस कार्यक्रम में 19 नवंबर को झांसी किले में रानी लक्ष्मीबाई की जयंती समारोह भी मनाई जाएगी। इसके साथ ही इसमें राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए डिजिटल कियोस्क की स्थापना करना शामिल है।
