बुधवार, 10 नवम्बर को बिहार सरकार को राज्य खनन विभाग के जरिए सुप्रीम कोर्ट ने बालू निकालने की गतिविधियां संचालित करने की अनुमति दे दी है। SC ने कहा है कि बालू खनन पर पूरी तरह से बैन लगाने से सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही बालू खनन के मुद्दे से निपटने के लिए पर्यावरण की सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए टिकाऊ विकास के संतुलित तरीकों को लागू करना पड़ेगा।
SC Justice L. Nageswara Rao की अध्यक्षता वाले तीन जजों की बेंच ने यह भी निर्देश देते हुए कहा है कि बिहार के सभी जिलों में खनन के लिए जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट नए सिरे से तैयार की जाएगी। साथ ही जजों की पीठ ने यह भी कहा कि, जहाँ बिहार में बालू खनन पर रोक है वही अवैध तरीके से बाली का खनन बड़ी संख्या में बढ़ रहा है। जिस कारन राज्य में लोगों की जान पर बन रही है।
आपको बता दें की सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेश के खिलाफ बिहार सरकार की अपील पर दिया है। NGT ने बिहार सरकार को आदेश दिया था कि बांका में नए सिरे से जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने की कवायद की जाए।
