बिहार में आये दिन कैबिनेट की बैठक होती है जिसमें कई अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार अपनी मुहर लगाती है। जो बिहार को नई तरक़्क़ी की राह पर ले कर जाती है। इसी तरक्की की राह पर चल रहे बिहार को एक और AIIMS का सौगात मिलने जा रहा है। जो कि मिथिलांचल में बनने वाला है। बिहार के दूसरे AIIMS के बनने से दरभंगा और उसके आस पास के जिलों के लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।
बिहार में Patna AIIMS के बनने के बाद बिहारवासियों को बहुत बड़ी राहत मिली है। पहले जो लोग अपने हेल्थ को ले कर दिल्ली का रुख करते थे आज वही लोग पटना AIIMS का रुख करते हैं। लेकिन जिन बिहारवासियों के लिए Patna AIIMS दूर पड़ता है उन लोगों के लिए भी बिहार सरकार की ओर से बड़ी सौगात दी जा रही है। जो है बिहार का दूसरा AIIMS। जी हां, मिथिलांचल के लोगों को एयरपोर्ट के बाद अब AIIMS का सौगात मिलने जा रहा है। जो लगभग 200 एकड़ भूमि पर बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने दीवाली और छठ के ठीक पहले दरभंगा और उत्तर बिहार के लोगों को एक बेहतरीन सौगात दिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने एम्स के लिए दरभंगा प्रखंड में 174.86 एकड़ और बहादुरपुर प्रखंड में 25.16 एकड़ भूमि आवंटित किया गया है। पटना AIIMS के बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में एक और एम्स के निर्माण को लेकर लगातार प्रयासरत हैं।
नीतीश कुमार ने तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और हर्षवर्द्धन के सामने दरभंगा AIIMS का मामला उठाया था। बिहार में स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्टर को दुरुस्त करना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। दरभंगा में एम्स के निर्माण के बाद दरभंगा सहित उत्तर बिहार के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाना नहीं पड़ेगा. इसके अलावा नेपाल और उसके तराई इलाकों के निवासियों को भी इसका लाभ मिलेगा। जो बिहार की अर्थवयवस्था के दृश्टिकोण से भी सही है।
अब अगर बात करें कि 200 एकड़ में बन रहे दरभंगा AIIMS में लोगों के लिए क्या क्या सुविधा दी जाएगी, तो आपको बता दें कि इस अस्पताल में 750 बेड होंगे। जो कि लगभग 1300 करोड़ रुपये की लागत से बन कर तैयार किया जायेगा। यहां MBBS की 100 सीटें, BSC Nursing की 60 सीटें निर्धारित की गयी हैं। इस अस्पताल में 15 से 20 सुपर स्पेशियलिटी डिपार्टमेंट भी रहेगा। बिहार के दूसरे AIIMS में प्रतिदिन ढाई हजार OPD मरीजों का इलाज होगा। जो प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत निर्मित होगा। साथ ही ये अस्पताल देश का 22वां एम्स होगा।
लोगों का कहना है कि दरभंगा में एम्स बन जाने से मिथिलांचल में चिकित्सा के क्षेत्र में नयी क्रांति आएगी। यहां कई ऐसी बीमारियों का इलाज संभव हो सकेगा, जिसकी सुविधा अभी DMCH में नहीं है। इससे बिहार के 22, नेपाल के 16 और पश्चिम बंगाल के 6 जिलों के मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। चिह्नित जमीन पर मिट्टीकरण और घेराबंदी के लिए BMICL यानी Bihar Medical Services and Infrastructure Corporation Limited की ओर से टेंडर निकल दी गयी है।
दरभंगा एम्स के निर्माण का लक्ष्य साल 2024 में पूरा करने का रखा गया है। इस अस्पताल को देखते हुए दरभंगा वासी अस्पताल के अगल बगल रोजगार के नए अवसर तलाश रहे हैं। एम्स बनने के बाद होटल वालों को भी जबरदस्त Profit पहुंचेगा। साथ ही AIIMS के निर्माण के दौरान यहां के मजदूरों के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जो निचले तपके के लोगों के साथ साथ Upper Class के लिए भी कमाई का कई अवसर लाएगा।
