बिहार सरकार ने पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के लिए बनाई एक नई योजना। अब सरकार संग बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने मिलकर प्रदेश के सभी पिछड़े वर्गो के लिए कल्याण निदेशालय का गठन तैयार किया है। इस बात की सुचना भी खुद आयोग ने दिया है और इसकी मंजूरी भी सरकार द्वारा मिल गाई है।
आपको बता दें कि अब तक पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के लोगो के लिए बनी योजनाओं का संचार भी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) कल्याण विभाग द्वारा ही चलाई जा रही थी। मगर अब ऐसा नहीं होगा, जारी की गई सुचना के अनुसार एससी-एसटी की तर्ज पर पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग की विकास योजनाओं की निगरानी के लिए अलग निदेशालय का गठन करने का मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने निर्णय लिया है। जिसके बाद से पिछले शनिवार कल्याण विभाग की मांग पर बिहार कैबिनेट से स्वीकृति भी मिल गई है। इस लिहाज़े आयोग ने एक संकल्प भी जारी किया है। जिसके अंतर्गत यह कथित है कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन अब गठित निदेशालय के माध्यम से किया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछड़े वर्गो के लिए शुरु की जा रही इस योजना से लोगो को अपेक्षित लाभ होगा एवं इस कल्याण योजना को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में भी आसानी होगी। इसके अलावा समय-समय पर होने वाली मॉनिटरिंग के द्वारा भी योजनाओं की सही तरीके से निगरानी हो सकेगी। और इसके लिए विभाग द्वारा निदेशालय हेतु 446 पदों के सृजन को भी स्वीकृत कर लिया गया है। इनमे कुल 420 पद क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए होंगे और बाकि के 26 पद निदेशालय स्तर के लिए नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा इनमें जिला स्तर पर योगदान देने वाले कर्मचारी भी शुमार हैं।
~निदेशालय में होंगे ये पद
निदेशक 01
संयुक्त निदेशक 01
उप निदेशक 02
सहायक निदेशक 04
लेखा पदाधिकारी 01
प्रशाखा पदाधिकारी 02
सहायक 04
उच्च वर्गीय लिपिक 02
निम्नवर्गीय लिपिक 04
आशुलिपिक 01
~क्षेत्रीय कार्यालय में होंगे ये पद
प्रमंडलीय उप निदेशक 01
जिला पिछ़ड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग पदाधिकारी 38
अनुमंडल पिछ़ड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग पदाधिकारी 139
सहायक प्रशासी पदाधिकारी 01
प्रधान लिपिक 09
उच्चवर्गीय लिपिक 38
निम्नवर्गीय लिपिक 186

