बिहार में वर्ष 2022 तक अभियान चला कर 23.50 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाये जायेंगे. फिलहाल 2.50 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग चुके हैं और लोग इसके फायदे भी समझने लगे हैं. यह बातें शुक्रवार को ऊर्जा विभाग के सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के सीएमडी संजीव हंस ने पटेल नगर स्थित स्काडा भवन में राज्य के पहले स्मार्ट मीटर ऑपरेशन सेंटर (एसएमओसी) का उद्घाटन करते हुए कहीं.
संजीव हंस ने कहा कि बिहार स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वाला पहला राज्य है. इसके जरिये हम अन्य राज्यों के लिए उदाहरण पेश कर रहे हैं. स्मार्ट प्रीपेड मीटर वह मजबूत नींव है, जिस पर बिहार ही नहीं, पूरे देश में ऊर्जा वितरण नेटवर्क के भविष्य का निर्माण होगा. स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने से लोग बिजली की बचत के लिए प्रेरित हो रहे हैं.
ऊर्जा सचिव ने ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव का शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से राज्य के कोष को भी करीब 200 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है. जैसे-जैसे इस लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ेंगे, स्मार्ट मीटर के फायदे भी कई गुना बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि ग्रिड को अक्षय सहित कई स्रोतों से प्राप्त ऊर्जा का एकीकरण करने और सिस्टम में स्थिरता बनाये रखने में स्मार्ट मीटर की आधारभूत संरचना का कोई जोड़ नहीं है. अपनी इस खूबी की वजह से स्मार्ट मीटर विद्युत वितरण प्रणाली के स्मार्ट डाटा प्रबंधन की दिशा में पहला कदम है. यह डिस्काॅम के लिए भी लाभदायक है.
अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर ऑपरेशन सेंटर सूबे में लगने वाले स्मार्ट मीटर की केंद्रीयकृत निगरानी करेगा. पूरे ऑपरेशन की एकीकृत एवं केंद्रीकृत मॉनीटरिंग में मदद करेगा. केंद्रीय नियंत्रण यूनिट के तौर पर यह सेंटर स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रोजेक्ट को रियल टाइम में प्रभाव में लायेगा. रियल टाइम डैशबोर्ड एमआइएस रिपोर्ट भी जेनेरेट होगी, जिससे स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के निराकरण में मदद मिलेगी. उद्घाटन के उपरांत संजीव हंस एवं अन्य वरीय अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर ऑपरेशन सेंटर का निरीक्षण किया और वहां की कार्यप्रणाली को समझा.

