भाजपा नेता और मंत्री अपने बेतुके और विवादित बयानों के लिए मशहूर हैं। अब चाहे वो केंद्र सरकार के मंत्री हो या राज्य सरकार के। ऐसा ही एक किस्सा बिहार की उप मुख्यमंत्री रेनू देवी के बयान का है। रविवार को रेनू देवी मुजफ्फरपुर के दौरे पर थी। वहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना किया। पत्रकारों से संवाद करते हुए उन्होंने एक बड़ा ही अजीबोगरीब बयान दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा की बिहार में जो बाढ़ आई है अर्टिफिशियल है यानी अप्राकृतिक। सबसे ज़्यादा दिक्कत नेपाल से आने वाले पानी से होती है। प्रदेश सरकार और नेपाल सरकार के बीच बातचीत चल रही है और जल्द ही इसका समाधान निकलेगा।
रेनू देवी के इस बयान पर राजनीति गरमा गई है और विपक्ष अब सरकार पर निशाना साध रही है। नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा की बाढ़ आर्टिफीसियल हो या आपदा नुक्सान बिहार का ही होता है इसे रोकने की ज़िम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए। कांग्रेस ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा यह बाढ़ नहीं सरकार ही अर्टिफिशियल है। पार्टी प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा की जिस राज्य के मुख्यमंत्री को यह नहीं पता है की राज्य में आई बाढ़ बाढ़ का कारण क्या है उस राज्य के मुख्यमंत्री से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं। बिहार में जलस्तर नेपाल से आए हुए पानी से बढ़ता है यह बात बिहार की जनता भी जानती है। उपमुख्यमंत्री कह रही हैं कि बाढ़ आर्टिफिशियल है, हमें लगता है कि ये सरकार ही आर्टिफिशियल है।
सरकार का बचाव करते हुए जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने रेनू देवी के बयान को तथ्यों के साथ सही बताते हुए कहा की नेपाल में जब अधिक वर्षा हो जाती है तब वहाँ से आने वाली नदियाँ बिहार में आकर मिल जाती हैं। ऐसे में बिहार में भी नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है और बिहार में बाढ़ आ जाती है। नेपाल की सिमा पर अगर एक हाई डैम बन जाता है तो इस समस्या से निजात मिल सकती है। उधर भजपा ने रेनू देवी का बचाव करते हुए कहा की रेनू देवी मुजफ्फरपुर में अधिकारीयों के साथ बैठक करके निकल रही थी उन्होंने जल्दबाज़ी में ऐसा बयान दे दिया। उनका मतलब था की बाढ़ प्राकृतिक और इंटरनेशनल मामला है। इस सन्दर्भ में नेपाल से चल रही है और सरकार जल्द ही इसका कोई हल निकालेगी।

