didital social service center

बिहार में अगले दो साल में 2000 नए कॉमन सर्विस सेंटर खोले जाएंगे। इसके संचालन की ज़िम्मेदारी स्वयंसहायता समूह की महिलाओं को दी जाएगी। दसवीं पास इन महिलाओं को पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा फिर इन्हे संचालन की ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह समूह अपने वार्ड के लोगो को कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। प्रशिक्षण के लिए शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग ने सीएससी ई गवर्नेन्स सॢवस इंडिया लिमिटेड के साथ एकरारनामा किया।

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह की महिलाएं वार्ड स्तर पर रहने वाले दिव्यांग, वृद्ध, असहाय महिला-पुरुषों के साथ-साथ खाताधारकों का पैसा बायोमेट्रिक से निकालने में भी मदद करेंगी। इसके साथ सीएससी के माध्यम से  सभी दैनिक जीवन में उपयोगी सेवाएं भी प्रदान करेंगी। इसके अलावा विभिन्न तरह के सरकारी प्रमाण पत्रों के आवेदन, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं, विभिन्न कंपनी की बीमा, पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा स्कीम के आवेदन, पैन एवं आधार कार्ड, बिजली बिल, गैस बुकिंग, ट्रेन टिकट, स्वास्थ सेवा आदि सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।

इसके साथ स्वयं सहायता समूहों के द्वारा बनाये गए उत्पाद को भी सीएससी के माध्यम से ऑनलाइन ई कामर्स वेबसाइट पर बिजनेस प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाएगा। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के द्वारा राज्य में अब तक लगभग 24 हजार स्वयं सहायता समूह एवं उनके करीब आठ सौ एरिया लेवल फेडरेशन का गठन किया गया है। राज्य के सभी नगर निकायों में सिटी लाइवलीहुड सेंटर भी स्थापित किये जा रहे हैं। इस अवसर पर विभाग के अपर निदेशक उमाकांत पाण्डेय, संजीव पांडेय, राज्य परियोजना समन्वयक वेद प्रकाश दयाल आदि उपस्थित थे।

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