बिहार की राजनीति में राजनीतिक दल अक्सर नए दांव पेंच आज़माते रहते हैं। नया मंज़र भाजपा से सामने आया है। बिहार में भाजपा ने झोलाछाप राजनीति की शुरुवात कर दी है। इसके मुताबिक राज्य में भाजपा मोदी छाप वाले 50 लाख झोले बांटेगी। प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने इसकी शुरुवात की। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत केंद्र सरकार हर महीने 5 किलो मुफ्त अन्न देने की योजना चला रही है। अब भाजपा राज्य में पीएम के चेहरे वाले बांटकर ये बताएगी की असल में जो अनाज उनके घर पहुंच रहा है वो असल में पीएम मोदी की देन है। प्रदेश कार्यालय में इसकी विधिवत शुरुवात हुई और करीब 150 लाभारतीयो को 5 किलो अनाज के साथ साड़ी दी गयी। अब सभी जिले और मंडलो में कार्यक्रम आयोजित होंगे और लाभारतीयो को झोले वितरित किये जाएंगे। भाजपा कार्यकर्ता बूथ स्तर तक झोले वितरित करेंगे। झोले पर पीएम मोदी की तस्वीर, भाजपा का कमल निशान और पीएम गरीब अन्न कल्याण योजना का लोगो भी छपा है। पीएम के साथ क्षेत्रीय संसद और विधायक की भी तस्वीर छपी होगी।
आज से शुरू हो रहे भाजपा के इस अभियान में भाजपा का मुख्य ज़ोर पीडीएस दुकानों पर होगा। सांसद और विधायक पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के फ्लेक्स बनवाएंगे। एक सांसद को 1 लाख और 1 विधायक को 20 हज़ार झोले और फ्लेक्स बनवाने होंगे। पीएम की तस्वीर और प्रधानमंर्ती गरीब कल्याण अन्न योजना से जुड़े इन फ्लेक्स के तैयार हो जाने के बाद इन्हे पीडीएस दुकानों के बाहर लगाया जाएगा। बिहार में 49 हज़ार 780 जान वितरण दुकाने हैं और भाजपा इन सभी दुकानों पर ये बैनर लगाने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत केंद्र सरकार ने 5 किलो अनाज और 1 किलो दाल नवंबर तक मुफ्त देने का ऐलान किया है।
इस झोलाछाप के पीछे भाजपा का अहम मकसद ये है की वे जनता को बताना चाहती है की उनके घर जो मुफ्त अनाज पहुंच रहा है वो मोदी सरकार की देन है। ऐसी ही पहल अन्य भाजपा शासित राज्यों में की गयी है जैसे उत्तर प्रदेश में फ्लेक्स और झोले पर पीएम मोदी के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ की भी तस्वीर है। लेकिन बिहार में ऐसा नहीं है। यहां पर सीएम नितीश कुमार को इन सब से अलग रखा गया है। यहां पर क्षेत्र के हिसाब से सांसद और विधायक की तस्वीर लगाई गयी है। अंत में भाजपा इस फिराक में हैं की सारा क्रेडिट नितीश कुमार ना ले जाए।

