लंबे वक्त से बारिश और बाढ़ से जूझ रहे बिहार के लोग, अब खतरे को भी अपने सामने देख पा रहे है। जहां एक तरफ गंगा, सोन और पुनपुन जैसी नदियों के जलस्तर तीव्र गति से बढ़ रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर बाढ़ का पानी राज्य के कई क्षेत्र और इलाकों में घुस चुका है। कई क्षेत्र के रहने वाले इलाके, खेत खलियान बुरी तरह से छतिग्रस्त हो चुके हैं।
इसी में एक बड़ी खबर यह आई है कि बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया गांव में बाढ़ ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। जहां इस्माइलपुर से डीमहा के जानवी चौक को जोड़ने वाली रिंग बांध रविवार दोपहर बुरी तरह से ध्वस्त हो गया था। बांध टूटने का भी एकमात्र कारण, बाढ़ के पानी से लगातार बांध पर दबाव पड़ने का बताया जा रहा है। बांध के कटने के बाद से पानी का बहाव इतना तेज हो चला था कि देखते ही देखते आसपास के मैदान और खेत खलियान पूर्ण रूप से जलमग्न हो गया और अब आसपास के सभी इलाको में बाढ़ के पानी ने घर कर लिया है।
पानी के तेज बहाव से खेतों में काम करने वाले करीबन 1 दर्जन मजदूर बाढ़ में बहने लगे थे जिसके बात से एसडीआरएफ की टीम ने उन्हें पानी से बाहर निकाला। आपको बता दें कि 8 किलोमीटर लंबी यह बांध 2008 में ही बनी थी। जिसके अब ध्वस्त हो जाने से कई सारे गांव के बीच का एक मात्र संबंध मार्ग भी खत्म हो गया है। स्थिति बिगड़ने से भागलपुर जिले के अंतर्गत ट्रेन सेवाएं भी बंद हो गई है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति अब बत से बत्तर होते जा रही हैं। हालात ऐसी है की अब बारिश और बाढ़ ने जानलेवा रूप धारण कर लिया है।सरकार और प्रशासन द्वारा आपदा विभाग से लगातार संपर्क किया जा रहा । वहीं दूसरी ओर सभी जिलाधिकारियों से उनके अंतर्गत आने वाले सभी इलाको का जायजा भी लिया जा रहा। मगर क्या इससे राज्य में हो रहे भारी नुकसान से कोई राहत मिलेगी ?

