केंद्र द्वारा जाती जनगणना को मना करने और जनसख्या नियंत्रण कानून के तहत गिनती करवाने का निर्णय लेने के बाद से भाजपा बिहार में अपनी एक और रणनीति पेश करेगी। अब बिहार के धार्मिल स्थलों पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने वाले लोगो को सरकार जल्द से जल्द हटवाने का अभियान चालू करेगी। नितीश कुमार की सत्ता में बीजेपी से शामिल कानून मंत्री प्रमोद कुमार ने इस बात की पृष्टि की है।
बिहार में लगभग 4 हज़ार 500 धार्मिल स्थल ऐसे है जो यहाँ के धार्मिल न्यास बोर्ड के संबंद्ध में आते है। मगर इनमे से करीबन 80 फीसदी जगहों पर अवैध कब्ज़ा किया जा चूका है। आपको बता दें की यहाँ के धार्मिक स्थलों की अपनी निजी संपत्ति भी है, मगर उनके संपत्ति पर भी कईओं ने कब्ज़ा कर रहा है। अब जब अतिक्रमण हद्द से ज़्यादा बढ़ गया है तो सरकार को इसपर विचार करना अनिवार्य हो गया था। और अब इसी मौके पर बीजेपी अपना एजेंडा वापस से इस्तेमाल करने को तैयार हो गई। चूँकि पिछले विधानसभा में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया था, ऐसे में नितीश के नेतृत्व होते हुए भी बीजेपी ही अतिक्रमण हटाने के प्रतिक्रिया पर ज़्यादा ध्यान देगी।
आपको बता दें की धार्मिक न्यास बोर्ड के संग नितीश कुमार ने पहले से ही इस कार्य को करने की पहल की थी, मगर अब इसे आगे बढ़ाने का ज़िम्मा बीजेपी ने ले लिया है। धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष अखिलेश जैन के मुताबिक अभी माफिया गतिविधियों को समाप्त करने से पहले मंदिर-मठो के भूमि कार्यों को पहले इकठ्ठा करना होगा। जिसके बाद ही इस पहल को आगे बढ़ाया जा सकेगा और अतिक्रमण हट सकेगा। यहाँ यह बात भी ध्यान देने लायक है की जब भी बात धर्म आधारित कार्यो पर होती है तो बीजेपी का शीर्ष पर रहना निश्चित है। इस कार्य को अपने तौर तरीके और एजेंडा के साथ करने से भाजपा की योजना साफ़ तौर पर नज़र। जब सामने विधासभा चुनाव हो तो ऐसे में बिहार से हिन्दू मतदाता को अपने पक्ष में एकजुट करने का अच्छा मौका गवाना नहीं चाहेगी बीजेपी।

