रियल ईस्टेट के रेरा (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) द्वारा जारी किया गया एक बड़ा आदेश। अब बड़े शहरों में दिए गए निर्धारित क्षेत्रों से बाहर के इलाके में अपार्टमेंट बनाने पर सीधे रोक लगा दी है। प्लानिंग क्षेत्र से बहार अगर अपार्टमेंट बनते है तो उनके रेरा रजिस्ट्रशन पर रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) द्वारा अगले आदेश तक बैन कर दिया है। यानी की फिलहाल शहरों से सटी ग्रामीण इलाको पर अपार्टमेंट्स नहीं बन सकते।
कई वक़्त से ऐसे खबरे आ रही थी कि बड़े शेहरो के समीप इलाको में बिल्डिंग्स बन रहे थे उन सभी के अधिकतम बिल्डर्स लोगों से पैसे लेकर फरार हो जाते थे। मामले कुछ ऐसे देखने को मिले कि लोग बिल्डर्स पर धोखा धड़ी का आरोप लगा रहे थे। खबरों के अनुसार उन बिल्डर्स द्वारा बनाए बिल्डिंग्स भी रेरा द्वारा रजिस्टर्ड भी नहीं थे। ऐसे लगातार कई मामले सामने आने के बाद रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी बिहार (रेरा, बिहार) ने कड़ी हिदायत देकर 22 जुलाई को एक नोटिस जारी की। उस नोटिस में यह उल्लेख़ किया गया था कि-
“परियोजनाओं के सम्बंध में मानचित्रो के अनुमोदन का मामला योजना क्षेत्रों के बाहर किये गए कार्यो पर विचार किया जा रहा। साथ ही शासन अधिकार व निर्देश मांगे गए है। तब तक के लिए परियोजनाओं के पंजीकरण पर रोक लगाया जा रहा है।”
इस सुचना के बाद रियल एस्टेट में काम करने वाले एवं निवेश करने वालो को नुक्सान और फ़ायदा दोनों का अनुभव होने वाला है। फ़िलहाल लोगों के निवेश किये गए पैसे बिल्डर्स के पास फस सकते है वहीँ आगे से अपार्टमेंट्स बनाने में ग़लत नक्से पास नहीं होंगे जिससे भविष्य में लोगों के साथ फ्रॉड होने की दर कम हो जाएगी।
अगर आप भी शहर के बहार निवेश करने का विचार कर रहे हैं रेरा के अगले आदेश तक थोड़ा रुक जाइये।

