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सावन के पहले सोमवार पर बिहार के विभिन्‍न जिलों में भक्‍त भगवान शिव को जल चढ़ाने और पूजा अर्चना करने को जुटे हैं लेकिन कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र मंदिरों के पट बंद हैं। भक्‍त बाहर से पूजा-अर्चना करके जल-पुष्‍प चढ़ाकर वापस लौट रहे हैं। इस बीच आरा के प्रसिद्ध आरण्‍य देवी मंदिर को बंद किए जाने से नाराज आज सुबह वहां धरने पर बैठ गए। जिला प्रशासन ने भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए मंदिर को बंद कराया है। पुजारियों ने प्रशासन के इस रुख का विरोध करते हुए मंदिर खोले जाने की मांग की।

सावन के पहले सोमवार पर मंदिरों में आमतौर पर काफी भीड़ होती है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने आरा के प्रसिद्ध आरण्‍य मंदिर को बंद कराया है। सोमवार सुबह मंदिर पर पहुंचे पुजारियों ने मंदिर को बंद किए जाने का विरोध किया और मंदिर खोले जाने की मांग की।

गौरतलब है कि बिहार में मंदिरों की बंदी को लेकर पिछले कुछ दिनों से सियासत तेज हो गई है। कारोना संक्रमण में कमी के साथ ही दसवीं के ऊपर के स्‍कूल खोले जाने के बाद धर्मस्‍थलों को भी खोलने की मांग जोर पकड़ रही है। सरकार में सहयोगी भाजपा ने भी मंदिरों को खोलने की मांग उठाई है। पिछले दिनों भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कोरोनावायरस संक्रमण पर नियंत्रण के बाद अब मंदिरों को भी खोलने की मांग की थी।

उनके पहले राज्यसभा सदस्‍य विवेक ठाकुर ने भी सीएम नीतीश कुमार को इस सम्‍बन्‍ध में पत्र लिखा था। बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछली चार मई से मंदिर बंद हैं। सरकार धीरे-धीरे अनलॉक की प्रक्रिया अपना रही है। इसके तहत बाजार, शिक्षण संस्थान और कार्यालय आदि खोले जा चुके हैं।

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