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मुजफ्फरपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का पूर्ण रूप से शारीरिक और मानसिक विकास हो, इसके लिए जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल रूप दिया जा रहा है। पिछले वर्ष जहां 27 केंद्रों को मॉडल के रूप में रेनोवेट किया गया था। वहीं, इस साल 40 आंगनबाड़ी केंद्र मॉडल बनाए जाएंगे। ये सभी केंद्र सकरा परियोजना के होंगे।

इन आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल बनाने में तकनीकी सहयोग आगा खान ग्रामीण विकास संस्था दे रही है। वहीं, इनके संचालन के लिए करीब 300 सेविकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। संस्था के नेकराम ओझा ने कहा कि इस वर्ष 40 केंद्रों को मॉडल के रूप में परिवर्तित किया जाना है। सभी मॉडल बाला (बिल्डिंग ऐज लर्निंग एड) तकनीक पर आधारित होता है। बाला तकनीक से बनने वाले इन आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों में पेयजल से लेकर शौचालय तक की व्यवस्था है। ये आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह से इको फ्रेंडली होंगे, जो बच्चों को प्ले स्कूल का अहसास कराएंगे। ये केंद्र छोटे बच्चों के समग्र विकास के लिए उनके शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास में सहायक होंगे। उनके स्वस्थ जीवन में स्कूल पूर्व शिक्षा और पोषाहार का भी आधार बनेगा।

मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों का ध्यान आकर्षित करने के लिए आंतरिक दीवारों पर विभिन्न गतिविधियों की पेंटिंग, केंद्र के नाम के आकर्षक डिस्प्ले बोर्ड सहित बाल गतिविधियों का संचालन किया जा सकेगा। आईसीडीएस की डीपीओ चांदनी सिंह ने बताया कि सकरा में ही सभी आंगनबाड़ी केंद्र मॉडल बनाए जाने हैं। कोरोना का कहर खत्म होने के बाद जब केंद्र खुलेंगे तब बच्चे इनमें पढ़ सकेंगे।

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